नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि नेपाली नागरिकों के लिए नेशनल आइडेंटिटी कार्ड (एनआईडी) को वैध यात्रा दस्तावेज माना जाए। मंजूरी मिलने पर यह पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ तीसरा विकल्प होगा। प्रस्ताव भारत को भेजा जा चुका है और नेपाल सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहा है।
नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि नेपाली नागरिकों के नेशनल आइडेंटिटी कार्ड (NID) को भारत यात्रा के लिए वैध पहचान और यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाए। यदि भारत इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो नेपाली नागरिक पासपोर्ट और नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ-साथ नेशनल आईडी कार्ड का इस्तेमाल भी भारत आने-जाने में कर सकेंगे।
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नेपाल के आव्रजन विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ इमिग्रेशन) के प्रवक्ता टीका राम ढकाल ने रविवार को बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव गृह मंत्रालय के जरिए विदेश मंत्रालय को भेजा गया था। विदेश मंत्रालय ने इसे राजनयिक माध्यमों से भारत सरकार के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया है। ढकाल ने कहा कि इस मुद्दे पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है और अब भारत की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत जल्द ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक फैसला लेगा।
मंजूरी मिली तो तीन दस्तावेज होंगे मान्य
फिलहाल भारत की यात्रा करने वाले नेपाली नागरिकों को, खासकर हवाई यात्रा के दौरान, पासपोर्ट या नागरिकता प्रमाणपत्र साथ रखना अनिवार्य होता है। यदि भारत नेपाल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो नेशनल आइडेंटिटी कार्ड तीसरा वैध यात्रा दस्तावेज बन जाएगा। इसका उपयोग हवाई और सड़क, दोनों मार्गों से भारत आने-जाने में किया जा सकेगा।
भारतीय नागरिकों के लिए क्या नियम हैं?
वर्तमान में भारत से नेपाल हवाई मार्ग से जाने वाले भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) साथ रखना होता है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा होने के बावजूद यात्रा के दौरान निर्धारित पहचान पत्र रखना जरूरी है।
2018 में शुरू हुई थी नेशनल आईडी कार्ड योजना
नेपाल सरकार ने वर्ष 2018 में पूरे देश में नेशनल आइडेंटिटी कार्ड योजना शुरू की थी। यह एक बायोमेट्रिक पहचान पत्र है, जिसे सरकारी सेवाओं और बैंकिंग सहित कई कामों के लिए अनिवार्य बनाया गया है। नेपाल सरकार की योजना भविष्य में पारंपरिक नागरिकता प्रमाणपत्र की जगह इसी बायोमेट्रिक कार्ड को लागू करने की है।
भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा
भारत और नेपाल के बीच 1950 की भारत-नेपाल शांति और मैत्री संधि के तहत दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं और काम भी कर सकते हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान निर्धारित पहचान दस्तावेज रखना आवश्यक होता है। ऐसे में यदि भारत नेपाल के इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले नेपाली नागरिकों के लिए प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हो जाएगी।