नेपाल की समाचार एजेंसी ‘राष्ट्रीय समाचार समिति’ (आरएसएस) के तीन पत्रकारों को तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के बारे में रिपोर्टिंग करने को लेकर पत्रकारों ने जवाब दाखिल कर दिया है। चीन के दबाव में बिठाई गई जांच के बाद पत्रकारों ने कहा है कि उनकी रिपोर्ट मानवीय पहलुओं पर आधारित एक बेहतरीन खबर रही है और दलाई लामा का स्वास्थ्य सभी के लिए चिंता का विषय है।
काठमांडू पोस्ट के मुताबिक पत्रकार मोहनी रिसाल, सोमनाथ लामिछाने और जीवन भंडारी आरएसएस के विदेशी डेस्क पर कार्यरत हैं और उन्होंने दलाई लामा की सेहत के हाल पर खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में दलाई लामा के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की पूरी कहानी थी। लेकिन चीन के दबाव के चलते इसी सप्ताह तीनों पत्रकारों के खिलाफ जांच बिठा दी गई। इस जांच को लेकर नेपाल में कई पत्रकार विरोध जता रहे हैं। नेपाल स्टेट एजेंसी के वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है कि चीन के दबाव में कार्रवाई की जा रही हो। लेकिन इन हालातों में पत्रकारिता पंगु होती जा रही है।
प्रेस की आजादी दाव पर
नेपाल की वामपंथी सरकार संसद में पत्रकारों की आजादी को सीमित करने के लिए ‘मीडिया काउंसिल विधेयक’ ला रही है। पीएम ओली के नेतृत्व में नेपाली सरकार संसद में बीते हफ्ते एक नए प्रस्ताव को लाने के लिए पंजीकरण किया था इसके तहत अगर पत्रकार, मीडिया समूह, संपादक और प्रकाशक मीडिया के नियमों का उल्लंघन करेंगे तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इससे मीडिया की आजादी दाव पर है।