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Balen Shah: कौन हैं बालेन शाह? जिनकी सुनामी के आगे दिग्गज हुए पस्त; नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय

Sat, 07 Mar 2026 10:37 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाल चुनाव में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी बड़ी जीत की ओर है। युवाओं के भारी समर्थन के चलते बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। रैपर और इंजीनियर से नेता बने बालेन ने पारंपरिक दलों का वर्चस्व खत्म कर दिया है। यह नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

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बालेन शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेपाल की राजनीति में एक अभूतपूर्व उलटफेर की आहट सुनाई दे रही है। 5 मार्च को हुए आम चुनाव के नतीजे आने से पहले ही, पूर्व काठमांडू मेयर बालेन्द्र (बालेन) शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने मतगणना में सुनामी की तरह बढ़त बना ली है। दशकों से सत्ता पर काबिज पारंपरिक राजनीतिक दलों को जनता ने जिस तरह हाशिए पर धकेला है, उससे साफ है कि नेपाल की राजनीति में 36 साल बाद किसी एक दल को प्रचंड बहुमत मिलने की ओर अग्रसर है। इस अभूतपूर्व जीत के साथ, बालेन शाह का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। आइए जानते हैं नेपाल में युवा क्रांति का चेहरा बनने वाले बालेन शाह के बारे में...
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कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
बालेन शाह का यह सफर आसान नही रहा है। साल 2022 में रैप की दुनिया से पहचान बनाने वाले स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेन शाह ने उस वक्त सबको चौंका दिया था, जब उन्होंने नेपाल के बड़े राजनीतिक दलों को हराकर काठमांडू के मेयर का पद जीता। उनका चुनाव चिह्न छड़ी था। उन्हें चुनाव में 61,767 वोट मिले। उन्होंने नेपाली कांग्रेस की सिर्जना सिंह को हराया, जिन्हें 38,341 वोट मिले थे। वहीं, सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और पूर्व मेयर केशव स्थापित को 38,117 वोट मिले। 

अब चार साल बाद 35 साल के बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। उनकी यह सफलता अचानक नहीं मिली है। साल 2013 में वह 'रॉ बर्ज' रैप बैटल से मशहूर हुए थे। मेयर बनने से पहले उन्होंने ढाई साल तक जमीन पर काम किया। उन्होंने हिमालयन व्हाइट हाउस कॉलेज से इंजीनियरिंग की और भारत से मास्टर डिग्री ली। उनकी पढ़ाई और तकनीकी समझ ने जनता का भरोसा जीता। उनकी बेदाग छवि और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख ने उन्हें जनता का चहेता बना दिया है। वह सोशल मीडिया के जरिए सीधे जनता से बात करते हैं। वह युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। 
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ये भी पढ़ें: बालेंद्र शाह बन सकते हैं नेपाल के अगले PM: बड़ी जीत की ओर बढ़ रही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, 109 सीटों पर आगे

दशकों पुराने ओली के दबदबे को किया खत्म
बालेन की राजनीतिक रणनीति बहुत सोची-समझी रही है। सितंबर के विरोध प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत के बाद केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था। उस समय युवाओं ने बालेन को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए कहा। बालेन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का समर्थन किया। उन्होंने छह महीने की अस्थायी सरकार के बजाय पांच साल के पूर्ण कार्यकाल को चुना।

18 जनवरी 2026 को बालेन औपचारिक रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) में शामिल हो गए। उन्होंने अगले ही दिन जनकपुर से अपना चुनाव प्रचार शुरू किया। उन्होंने झापा-05 सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। यह इलाका दिग्गज नेता केपी शर्मा ओली का गढ़ माना जाता है। जानकारों का मानना है कि बालेन की लोकप्रियता ओली के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दी है।

क्या था चुनाव का एजेंडा?

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बालेन सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं। फेसबुक पर उनके 35 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय सीधे जनता से बात करते हैं। हालांकि, वह अपने कड़े बयानों के लिए विवादों में भी रहे। उन्होंने एक बार अमेरिका, भारत और चीन जैसे देशों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी की भी आलोचना की थी। उनके समर्थक उन्हें पुराने नेताओं के विकल्प के रूप में देखते हैं।

बालेन का जन्म 1990 में हुआ था। उनके स्वर्गीय पिता राम नारायण शाह एक आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। उनका निधन बालेन शाह के मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में फॉर्मल एंट्री से ठीक पहले हुआ था। राजनीति के साथ-साथ बालेन अभी काठमांडू यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर रहे हैं। नेपाल अब एक नए मोड़ पर है, जहां पुराने नेताओं की पकड़ कमजोर होती दिख रही है।

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