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Nepal Politics: कम्युनिस्ट सरकार बनने का असर, नेपाल में चीन का बढ़ने लगा हौसला?

Mon, 02 Jan 2023 05:05 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

Nepal Politics: काठमांडू स्थित चीनी दूतावास ने ये दावा पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से एक दिन पहले किया। जबकि नेपाल सरकार का अभी तक आधिकारिक रुख यही है कि चीन की परियोजना बीआरआई के तहत अभी तक नेपाल में किसी प्रोजेक्ट पर अमल नहीं हुआ है...
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Nepal Politics- Pokhra Airport - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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Nepal Politics: नेपाल में कम्युनिस्ट बहुल सरकार बनने का असर दिखने लगा है। चीन ने दावा कर दिया है कि पोखरा हवाई अड्डा ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत चीन और नेपाल के बीच सहयोग की प्रमुख परियोजना है।’ काठमांडू स्थित चीनी दूतावास ने ये दावा पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से एक दिन पहले किया। जबकि नेपाल सरकार का अभी तक आधिकारिक रुख यही है कि चीन की परियोजना बीआरआई के तहत अभी तक नेपाल में किसी प्रोजेक्ट पर अमल नहीं हुआ है। नेपाल सरकार ने बार-बार यह कहा है कि बीआरआई के तहत प्रोजेक्ट शुरू करने पर अभी बातचीत चल रही है। 

पोखरा एयरपोर्ट का उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के हाथों होना तय था। लेकिन उससे पहले ही शनिवार को चीनी दूतावास ने एक ट्विट में दावा कर दिया कि ये हवाई अड्डा बीआरआई के तहत बना है। नेपाल और चीन ने बीआरआई के प्रारूप समझौते पर 2017 में दस्तखत किए थे। नेपाल ने आरंभ में कहा था कि बीआरआई के तहत देश में 35 परियोजनाएं बनाई जाएंगी। बाद में चीन के अनुरोध पर इन परियोजनाओं की संख्या घटा कर नौ कर दी गई। जिन परियोजनाओं को तब बीआरआई की सूची से हटाया गया, उनमें पोखरा हवाई अड्डा भी था।

अखबार काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2016 में नेपाल सरकार ने चीन के साथ नया हवाई अड्डा बनाने के लिए लगभग साढ़े 21 करोड़ डॉलर के एक करार पर दस्तखत किए थे। यह समझौता नेपाल के नागरिक विमानन मंत्रालय और चीन एक एग्जिम बैंक के बीच हुआ था। लेकिन उस करार में कहीं भी बीआरआई का जिक्र नहीं था। उस समझौते के मुताबिक एग्जिम बैंक 25 फीसदी ब्याज मुक्त कर्ज देने पर राजी हुआ था। बाकी कर्ज दो फीसदी सालाना ब्याज दर पर देने पर उसने सहमति जताई थी, जिसे 20 साल में चुकाया जाना है।

इसके पहले ही मई 2014 में इस हवाई अड्डे को बनाने का ठेका चीन की कंपनी सीएएमसी को देने का फैसला हुआ था। उस समय बीआरआई अभी नवजात अवस्था में ही था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में बीआरआई का एलान किया था। विश्लेषकों के मुताबिक जब 2017 तक नेपाल इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं था, जबकि 2014 में हवाई अड्डे के निर्माण की योजना बन चुकी थी और 2016 में इसके लिए कर्ज पाने का करार एग्जिम बैंक से हो चुका था। इससे भी यही संकेत मिलता है कि यह हवाई अड्डा बीआरआई के तहत नहीं बना है। 

नेपाल के विदेश, वित्त और पर्यटन मंत्रालय के तीन अधिकारियों ने काठमांडू पोस्ट से कहा कि पोखरा हवाई अड्डे के लिए ऋण संबंधी बातचीत तभी शुरू हो गई थी, जब अभी चीन में बीआरआई परियोजना सोच-विचार की अवस्था में थी। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि यह परियोजना बीआरआई का हिस्सा है, यह चीन की अपनी समझ है। यानी नेपाल ऐसा नहीं मानता। लेकिन नेपाल सरकार ने रविवार तक चीनी दावे का खंडन करने के लिए कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया था।

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