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नेपाल के पीएम ओली ने कहा- विपक्ष सरकार की नीयत पर शक न करे, कोरोना से लड़ने में साथ दे

Wed, 10 Jun 2020 09:52 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली - फोटो : Social Media
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नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने विपक्षी पार्टियों से कहा है कि वे कोविड-19 को लेकर किए जा रहे खर्च और जुटाए जा रहे फंड को लेकर सरकार पर शक न करें। प्रधानमंत्री ने कहा है कि इसे लेकर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के सारे आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। ओली ने कहा है कि वो भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हैं और अगर ऐसी किसी भी अनियमितता की रिपोर्ट मिलती है तो वो उसकी पूरी निष्पक्षता से जांच करवाएंगे।

सरकार की नीयत पर भरोसा करना चाहिए

प्रधानमंत्री ओली ने सदन की बैठक में कहा कि कोविड-19 की रोकथाम और चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर खरीदे गए उपकरणों, जांच किट और दवाइयों को लेकर जिस भी तरह की अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी सरकार हर ऐसी रिपोर्ट की जांच करवाएगी और कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

ओली सरकार पर उठे उन सवालों का जवाब दे रहे थे, जिसमें सरकार ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए 10 अरब  रुपये खर्च करने का दावा किया था, लेकिन आम लोगों तक या अस्पतालों तक वह क्यों नजर नहीं आ रहा। ओली ने कहा कि हमें हर काम में शक करने और मंशा पर सवाल उठाने से बचना चाहिए और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सरकार की नीयत पर भरोसा करना चाहिए। उनका कहना था कि ये समय खर्चों का हिसाब किताब लगाने का नहीं, बल्कि मिलकर इस समस्या से लड़ने और अपने देश को बचाने का है।

क्वारंटीन सेंटर संक्रमण का केंद्र क्यों बन गए

उधर नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के नेता रामचंद्र पौडेल ने सरकार से मांग की है कि वो भारत से हाल ही में आए लोगों की जांच को लेकर अपनी मौजूदा नीतियों को बदले। इसकी वजह से नेपाल में कोरोना के सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा है कि सरकार स्थानीय प्रशासन और जिलों के साथ भेदभाव कर रही है और उन्हें पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रही है।

सरकार को बदनाम करने की कोशिश न करे

नेपाली कांग्रेस के नेता गगन थापा ने सरकार से पांच सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि लॉकडाउन के दौरान भूख और बदइंतजामी से हुई लोगों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा, क्वारंटीन केंद्रों में दवाओं और जरूरी सुविधाओं की कमी की वजह से लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है, सरकार ने कोविड-19 के नाम पर कितना पैसा और कहां खर्च किया है। क्वारंटीन सेंटर लोगों को बचाने की जगह सामुदायिक संक्रमण का केंद्र क्यों बन गए हैं। सरकार के पास पीसीआर टेस्ट को लेकर क्या योजना है, सरकार इसकी जगह आरडीटी टेस्ट क्यों करवा रही है।

इन्ही सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा है कि विपक्ष ऐसे वक्त में इस तरह के आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश न करे। सरकार के पास उनके हर सवाल का जवाब है, लेकिन फिलहाल स्थितियों से निपटने के लिए विपक्ष आरोप लगाने के बजाय सरकार का सहयोग करे।  

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