पड़ोसी देश में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं। नेपाल के काठमांडो स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) ने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण 24 घंटे बंद रहने के बाद बुधवार शाम से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। इसके बाद यात्रियों की वापसी शुरू हो गई। नई दिल्ली में इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कई यात्री पहुंचे, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इस बीच, आंध्र प्रदेश के 144 लोगों को काठमांडो से एक विशेष उड़ान से सुरक्षित तरीके से विशाखापत्तनम और तिरुपति लाया गया। आंध्र के 154 और पर्यटकों को बोर्डिंग पास जारी किया जा चुका है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के पानीटंकी में भी भारतीय नागरिकों को भारत-नेपाल सीमा पार करते और घर लौटते देखा गया। नेपाल से लौटे एक भारतीय नागरिक ने बताया, हम नेपाल के धुलाबाड़ी से आ रहे हैं। मैं वहां एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता था। वहां काम बंद हो गया है, इसलिए हम भारत लौट आए हैं। एजेंसी
काठमांडो में सूनी सड़कों पर सैनिक लगातार कर रहे गश्त
नेपाल की राजधानी में सोमवार व मंगलवार को भारी हिंसा के बाद सेना की ओर से लगाया गया कर्फ्यू बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। शहर की सूनी सड़कों पर सैनिक लगातार गश्त करते रहे और लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी।इस दौरान सेना ने कर्फ्यू से छूट वाले वाहनों और पैदल चलने वालों की जांच की। नेपाली सेना ने एक बयान जारी कर कहा, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काठमांडो सहित कई शहरों में लगा कर्फ्यू शुक्रवार सुबह तक जारी रहेगा।
सेना ने बृहस्पतिवार को काठमांडो घाटी के तीन जिलों में निषेधाज्ञा बढ़ा दी और कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही की अनुमति दी है। सेना ने बताया काठमांडू घाटी के तीन जिलों काठमांडो, ललितपुर और भक्तपुर में सुबह 6 बजे से कर्फ्यू में ढील दी गई है कर्फ्यू में ढील मिलते ही लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजारों, दुकानों और किराने की दुकानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिखे। काठमांडू में एक जेल से कैदियों के भागने की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया। इस दौरान तीन कैदियों की मौत हो गई।