नेपाल के पर्सा जिले के बीरगंज महानगर के चार प्रमुख इलाकों में सोमवार सुबह से अगले आदेश तक तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह अनिश्चितकालीन कर्फ्यू युवकों के दो समूहों के बीच झड़प के बाद लगाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कर्फ्यू किस कानून के तहत लगाया गया?
मुख्य जिला अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 की धारा 6(क) के तहत कर्फ्यू लगाया गया है। इस दौरान निर्धारित क्षेत्रों में लोगों के के घूमने, एकत्र होने, रैली निकालने, प्रदर्शन करने, बैठक करने या घेराव करने पर रोक रहेगी। जिन इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है, उनमें पूर्व में बाइपास रोड, पश्चिम में सिरसिया नदी, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट शामिल हैं।
कितने समय तक रहेगा कर्फ्यू?
जारी सूचना में कहा गया, मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 की धारा 6(क) के अनुसार आज 23 फरवरी को सुबह पौने 10 बजे से अगले आदेश तक बीरगंज महानगर क्षेत्र के इन चार इलाकों के भीतर किसी भी व्यक्ति के आने-जाने, एकत्र होने, रैली, प्रदर्शन, बैठक या घेराव करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाओं की आवाजाही की अनुमति होगी। इसमें एंबुलेंस, दमकल वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों और मीडिया कर्मियों के वाहन, पहले तय विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थी, परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, पर्यटक वाहन, मानवाधिकार और राजनयिक मिशनों के वाहन व वैध टिकट के साथ यात्रा करने वाले हवाई यात्री शामिल हैं।
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कर्फ्यू के दौरान किन सेवाओं को छूट दी गई है?
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कर्फ्यू को लागू कराने और छूट प्राप्त वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इस बीच, राष्ट्रीय चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए काठमांडू गाटी के बाहर, खासकर नेपाल के दक्षिण तराई इलाकों के जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। करीब 11 हजार मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।