नेपाल में अचानक आई भयानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस संकट के बीच नेपाल के एकमात्र अरबपति और समाजसेवी बिनोद चौधरी ने राहत और बचाव के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आपदा का पैमाना किसी की कल्पना से कहीं ज्यादा बड़ा है। उनके मुताबिक गांव, बाजार, स्कूल और पुल बह गए हैं, जबकि 500 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता ठप हो गई है। उन्होंने अब सामने खड़ी पुनर्निर्माण की चुनौती को बेहद बड़ा बताया।
नेपाल में बाढ़ से कितना बड़ा नुकसान हुआ?
बिनोद चौधरी ने कहा कि नेपाल ने इस आपदा में करीब एक हजार लोगों को खो दिया है और लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने अपने आकलन का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 40 पुल भी बह गए हैं। चौधरी के मुताबिक इस इलाके में पहले भी बाढ़ आती रही है और पिछले साल भी बाढ़ आई थी, लेकिन इस बार की तबाही उसके मुकाबले बहुत बड़ी है। मंगलवार तक अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई थी। रुक-रुककर बारिश और नई बाढ़ की चेतावनी के बीच बचाव दल लापता और फंसे लोगों की तलाश में जुटे थे।
बिजली और निर्माण परियोजनाओं पर क्या पड़ा असर?
चौधरी ने बताया कि 500 मेगावाट से ज्यादा क्षमता वाले ऊर्जा संयंत्र बाढ़ के कारण ठप हो गए हैं। कई निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी रोकना पड़ा। इनमें खास तौर पर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें कुछ बह गईं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि गांवों, बाजारों, स्कूलों और पुलों के नुकसान के बाद नेपाल के सामने अब बहुत बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की चुनौती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 12,000 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार करीब 4,000 लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
भारत की मदद को लेकर बिनोद चौधरी ने क्या कहा?
बिनोद चौधरी ने नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मित्र पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराकर अच्छा काम किया है। उन्होंने नई दिल्ली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेपाल का साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। चौधरी ने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया सिर्फ मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं रही है, बल्कि 2015 के नेपाल भूकंप के दौरान भी भारत सबसे आगे रहा था। उनके मुताबिक उस समय भी प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत बचाव कार्य, मदद, बुनियादी ढांचे और जरूरी सामान की व्यवस्था पर जोर दिया था।
क्यों बोले चौधरी कि भारत बड़ा बदलाव ला सकता है?
चौधरी ने कहा कि भारत ने पिछले करीब 12 वर्षों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार किया है और उसकी गुणवत्ता में भी बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक भारत ने अब ऐसी क्षमता हासिल कर ली है, जिससे वह बड़े संकट के समय बड़े स्तर पर जवाब दे सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे हैं, जब भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। चौधरी ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और उन सभी लोगों से हर संभव मदद करने की अपील की, जो नेपाल के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आगे नेपाल के सामने क्या बड़ी चुनौती है?
बिनोद चौधरी के बयान से साफ है कि नेपाल के सामने तत्काल राहत के साथ-साथ लंबे समय तक चलने वाला पुनर्निर्माण अभियान भी है। बाढ़ में जान-माल के नुकसान के अलावा पुल, ऊर्जा संयंत्र और निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। हजारों लोगों के लापता होने के बीच बचाव अभियान जारी है। ऐसे में नेपाल को प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने, जरूरी राहत पहुंचाने और नष्ट हुए बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।