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नेपाल बाढ़: पीछे से आ रही थी मौत, 10 मिनट में तिनके की तरह ढह गया 1643 छात्रों वाला स्कूल, कितनों की बची जान?

Wed, 26 Aug 2026 05:56 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

नेपाल के नुवाकोट में त्रिशूली नदी की अचानक आई बाढ़ ने 1,643 छात्रों वाले स्कूल को दहशत में डाल दिया। स्कूल को सैलाब की सूचना सिर्फ 10 मिनट पहले मिली और इसके तुरंत बाद छात्रों को सुरक्षित जगह भेजा गया। कई छात्रों की जान बच गई, लेकिन घर जाने के लिए पुल पार करने वाले कुछ छात्रों को लेकर अब भी चिंता है। बिजली और मोबाइल नेटवर्क बंद होने से उनकी सही जानकारी जुटाना मुश्किल है। आइए, पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं...

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नेपाल बाढ़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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नेपाल के नुवाकोट में बुधवार सुबह त्रिशूली नदी का पानी अचानक बढ़ा तो बिदुर स्थित त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय में अफरातफरी मच गई। उस समय स्कूल में 1643 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। सुबह 9:15 बजे बाढ़ की चेतावनी मिली और महज 10 मिनट बाद 9:25 बजे नदी का तेज पानी और बड़ी लहर इलाके तक पहुंच गई। स्कूल प्रशासन ने छात्रों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेजा, जिससे बड़ी संख्या में बच्चों को खतरे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि बाढ़ से पहले पुल पार कर घर जाने वाले कुछ छात्रों का अब तक पता नहीं चल सका है।
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बाढ़ की सूचना मिलते ही स्कूल में क्या हुआ?

उकेरा की रिपोर्ट के मुताबकि प्रधानाचार्य राजेंद्र दवाड़ी ने बातया कि बुधवार सुबह स्कूल में सामान्य तरीके से पढ़ाई चल रही थी। अचानक सुबह 9:15 बजे त्रिशूली नदी में तेज बाढ़ आने की सूचना मिली। स्कूल प्रशासन ने तुरंत छात्रों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा। इसके करीब 10 मिनट बाद सुबह 9:25 बजे नदी में पानी का तेज बहाव आया और बड़ी लहर स्कूल के आसपास के इलाके तक पहुंच गई।

क्या समय रहते कई छात्रों की जान बच गई?

बाढ़ की शुरुआती चेतावनी मिलने के बाद छात्रों को सुरक्षित जगह ले जाने से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को खतरे से बाहर निकालने में मदद मिली। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल से कॉलोनी की ओर जाने वाले सभी छात्र सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वह खुद भी करीब 35 से 40 छात्रों और स्थानीय लोगों के साथ कॉलोनी क्षेत्र में सुरक्षित हैं। हालांकि, सभी छात्रों की स्थिति की पूरी जानकारी अभी स्कूल प्रशासन के पास नहीं है।

पुल पार करने वाले छात्रों को लेकर चिंता क्यों है?

प्रधानाचार्य के अनुसार, कुछ छात्र बाढ़ आने से पहले त्रिशूली नदी का पुल पार कर घर की ओर निकल गए थे। इनमें बट्टर, बिदुर बाजार और ढुंगे की ओर जाने वाले छात्र शामिल थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि पुल पार करने वाले कुछ छात्र लापता हो सकते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में कितने छात्र घर नहीं पहुंचे हैं।

1643 छात्रों की सही जानकारी जुटाना क्यों मुश्किल?

स्कूल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों की सही संख्या और उनके सुरक्षित घर पहुंचने की जानकारी जुटाना है। बाढ़ के कारण नुवाकोट में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बाधित होने की बात कही गई है। ऐसे में अभिभावकों और छात्रों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है। प्रधानाचार्य ने कहा कि फिलहाल यह पता लगाना कठिन है कि स्कूल से घर के लिए निकले सभी छात्र सुरक्षित अपने घर पहुंच गए हैं या नहीं।

क्या बाढ़ ने पूरे इलाके को आपदा क्षेत्र में बदल दिया?

त्रिशूली नदी में आई बाढ़ के बाद बिदुर स्थित त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय और उसके आसपास का इलाका आपदा जैसी स्थिति में पहुंच गया है। स्कूल में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्रों के कारण प्रशासन के सामने उनकी सुरक्षा और स्थिति की पुष्टि करना बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर मौजूद छात्रों और स्थानीय लोगों के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है।
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