फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल त्रासदी: लापता भारतीयों में से 100 लोग मिले, 29 देशों के करीब 500 पर्यटक अभी भी संपर्क से बाहर

Thu, 27 Aug 2026 02:42 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, काठमांडू

सार

नेपाल सरकार ने बताया है कि 29 देशों के 500 के करीब विदेशी नागरिक अभी भी लापता हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल में लापता अधिकतर लोग कैलाश तीर्थयात्रा पर गए हैं। 
विज्ञापन
नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य जारी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाल में आई बाढ़ में आठ सौ से ज्यादा लोग लापता हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में से 100 भारतीय नागरिक और 25 चीनी कामगार मिल गए हैं। नेपाल के राहत और आपदा प्रबंधन विभाग के लोगों ने भारतीयों और चीनी नागरिकों को ढूंढ निकाला है। नेपाल सरकार के हवाले से रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। 
विज्ञापन


300 भारतीय हुए हैं लापता
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया है कि बाढ़ के चलते करीब 300 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें से अधिकतर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।

29 देशों के 500 के करीब विदेशी नागरिक लापता
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि आपदा के बाद कुल मिलाकर लगभग 500 विदेशी नागरिक संपर्क से बाहर हैं, जबकि बचाव और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार लापता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और उनके ठिकाने के बारे में अलग-अलग देशों के दूतावासों के लगातार संपर्क में है। हाल के समय में हिमालयी देश में आई सबसे भयानक आपदाओं में से एक बताते हुए खनाल ने नेपाल के बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए तुरंत राहत सहायता भेजने के लिए भारत का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें