नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वित्त मंत्री और उपप्रधानमंत्री बिष्णु प्रसाद पौडेल को भीड़ द्वारा पीटते हुए देखा गया। काठमांडू की सड़कों पर प्रदर्शनकारी उनका पीछा कर रहे थे और लात-घूंसों से हमला किया। यह घटना तब हुई जब देशभर में हिंसक प्रदर्शन तेज हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा तथा उनकी पत्नी व विदेश मंत्री अर्जु राणा देउबा पर भी हमला किया। भीड़ ने दोनों को दौड़ाकर पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शेर बहादुर देउबा को खून से लथपथ देखा जा सकता है।
पूर्व पीएम की पत्नी की आगजनी में मौत
नेपाल में जारी प्रदर्शनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी, राजलक्ष्मी चित्रकार की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, काठमांडू के डालू स्थित उनके घर में प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी कर आग लगा दी, जिसमें वे फंस गईं। गंभीर हालत में उन्हें कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना ने नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों को और भयावह बना दिया है।
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राजनीतिक ठिकानों को बनाया निशाना
प्रदर्शनकारी गुस्से में केवल नेताओं तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने सिंह दरबार कॉम्प्लेक्स, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट में आगजनी की। साथ ही कई राजनीतिक दलों के दफ्तर, पुलिस थाने और नेताओं के निजी घरों को भी निशाना बनाया गया। राजधानी काठमांडू में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ओली ने दिया इस्तीफा
लगातार बढ़ते दबाव और प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही प्रदर्शनकारियों ने उनके निजी आवास और कार्यालय पर हमला किया था। विरोध की आग इतनी बढ़ गई कि ओली अपनी चौथी पारी भी पूरी नहीं कर सके।
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मौतों और घायलों का आंकड़ा बढ़ा
सोमवार को हुए प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। यह प्रदर्शन सरकार द्वारा सोशल मीडिया साइट पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ था। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने देर रात यह प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन तब तक गुस्सा भड़क चुका था।
राजनीतिक संकट और अस्थिरता
जुलाई 2024 से चौथी बार प्रधानमंत्री बने ओली पर अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल प्रयोग की अनुमति देने का आरोप था। लगातार हिंसा और भारी दबाव के बीच उन्होंने इस्तीफा दिया। नेपाल इस समय गहरे राजनीतिक संकट और अस्थिरता से गुजर रहा है, जिसका भविष्य फिलहाल अनिश्चित है।