नेपाल में रुबी कुमारी ठाकुर को प्रतिनिधि सभा की उपसभापति (डिप्टी स्पीकर) चुना गया है। काठमांडू में शुक्रवार को यह चुनाव हुआ। 26 साल की रुबी पांच मार्च के चुनाव में श्रम संस्कृति पार्टी से सांसद चुनी गई थीं। संसद में हुए मतदान में उन्हें 229 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी सरस्वती लामा को केवल पांच वोट मिले।
कुल 22 वोट 'इनमें से कोई नहीं' के रूप में डाले गए। यानी उन्होंने किसी भी उम्मीदवार को चुनना सही नहीं समझा। वहीं, 275 सदस्यीय सदन में से 256 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। इसके बाद प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष (स्पीकर) ने डोल प्रयास अर्याल ने औपचारिक रूप से उनकी जीत की घोषणा। उन्होंने रुबी ठाकुर को बधाई दी।
रुबी ठाकुर को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) का समर्थन मिला। इसके अलावा, नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी जैसे बड़े विपक्षी दलों ने भी उनका साथ दिया।
रुबी ठाकुर किस पृष्ठभूमि से आती हैं?
रुबी ठाकुर साधारण परिवार से आती हैं। उन्होंने कम उम्र में ही सामाजिक चुनौतियों के बीच राजनीति में कदम रखा। उनके पिता सऊदी अरब में काम करते हैं। उनकी मां गृहिणी हैं। रुबी मधेश क्षेत्र में भेदभाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पली-बढ़ीं। उन्होंने कम उम्र में ही आत्मनिर्भर रहना सीखा। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा की परीक्षा पूरी की। इसके बाद धनुषा के बलारा पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग से जुड़ा तीन साल डिप्लोमा किया।
बाद में उन्होंने एक आर्किटेक्चर कंसल्टेंसी फर्म में सात महीने काम किया। उन्हें हर महीने 20 हजार नेपाली रुपये का वेतन मिलता था। वह अपनी कमाई का एक हिस्सा घर भी भेजती थीं। रुबी राजनीति में अचानक आईं। नेपाल के सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हर्क सम्पांग की सोशल मीडिया गतिविधियों से प्रेरित होकर वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुईं।
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मार्च 2026 के आम चुनाव में उन्होंने धनुषा-4 में पार्टी के लिए प्रचार किया। इसके बाद उन्हें मधेसी समूह से समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत उम्मीदवार बनाया गया। 26 मार्च 2026 को वह समानुपातिक प्रतिनिधित्व सूची के जरिये प्रतिनिधि सभा की सदस्य बनीं। वह अपनी पार्टी की सबसे युवा सांसदों में से एक हैं। 26 साल की उम्र में वह अब पढ़ाई और संसदीय जिम्मेदारियों को साथ संभाल रही हैं। वह अभी सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। वह वर्तमान में संसद की सबसे युवा सांसद हैं। अब वह नेपाल के इतिहास की सबसे युवा डिप्टी स्पीकर भी बन गई हैं।
उन्होंने सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का वादा किया है। साथ ही दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने की बात कही है। उनका चुनाव संविधान के उस प्रावधान को भी पूरा करता है, जिसमें स्पीकर और उपसभामुख अलग-अलग दलों से होना जरूरी है और उनमें से एक का महिला होना अनिवार्य है। उनकी जीत को युवाओं और मधेसी समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। उन्होंने संसद को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया है।