नेपाल में रविवार को आम चुनाव के लिए मतदान सुरक्षित माहौल में कराने के उपाय बड़े पैमाने पर किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि इसके लिए हर बूथ पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आयोग ने कहा है कि उसकी कोशिश स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय माहौल में मतदान कराने की है।
निर्वाचन आयोग और सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुख्य चिंता उन छोटे समूहों ने पैदा की है, जिन्होंने इन चुनावों के बहिष्कार की अपील की है। इन गुटों में नेत्र बिक्रम चंद के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल और मोहन वैद्य के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (रिवोल्यूशनरी माओइस्ट) शामिल हैं। इन संगठनों ने मतदाताओं से कहा है कि वे खुद को मतदान से अलग रखें। आशंका है कि ये संगठन कुछ जगहों पर मतदान केंद्रों पर हमले कर सकते हैं। कुछ इलाकों में इन संगठनों का अच्छा प्रभाव है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फणींद्र मणि पोखारेल ने शुक्रवार को कहा- ‘हाल में कुछ जिलों से बम विस्फोट की खबरें मिली हैं। कुछ ताकतें चुनाव में बाधा डालने की कोशिश में हैं। लेकिन हमने उनका मुकाबला करने की पूरी तैयारी की है।’ पोखारेल ने यहा कि ये ताकतें सुरक्षा के लिए खतरा हैं, लेकिन वे बहुत गंभीर खतरा नहीं हैं। गृह मंत्रालय ने मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए लगभग तीन लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि इस साल मई में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान तमाम सुरक्षा इंतजामों के बावजूद चुनावी हिंसा की 741 घटनाएं हुई थीं। नेपाल पुलिस के पूर्व डीआईजी हेमंत मल्ला ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘इस बार लगभग 200 ऐसी घटनाएं होने की आशंका है। नेत्र बिक्रम चंद के नेतृत्व वाली पार्टी एक गंभीर खतरा है। बाकी गुटों को लेकर उतनी अधिक चिंता नहीं है।’ लेकिन मल्ला ने कहा कि 2017 के आम चुनाव की तुलना में इस बार सुरक्षा संबंधी खतरे कम हैं। इस बार अधिक चिंता इस बात की है कि चुनाव में हिस्सा ले रही पार्टियों के कार्यकर्ता खुद झड़पों और हिंसा में शामिल हो सकते हैं।
रविवार को नेपाल में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की 165 प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर मतदान होगा। इसके साथ ही सात प्रांतों की विधायिकाओं के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 330 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। प्रतिनिधि सभा की 110 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की 220 सीटों का आवंटन प्रत्यक्ष निर्वाचन में विभिन्न दलों को मिले मत प्रतिशत के आधार पर होगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक अगले आठ दिसंबर तक जाकर पूरी चुनावी सूरत साफ हो सकेगी।
चुनाव में मुख्य मुकाबला नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली सत्ताधारी गठबंधन और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के बीच है। यूएमएल ने भी कुछ दलों के साथ सीटों का तालमेल किया है। देशभर में 10,892 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर कुल मिला कर 22,227 बूथ होंगे। गृह मंत्रालय ने सभी 77 जिला प्रशासन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा स्थिति का आकलन कर जरूरत के मुताबिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करें।