Nepal General Elections: नेपाल में आम चुनाव को लेकर बड़ा संकेत मिला है। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि अगर हिमालयी जिलों में मौसम खराब रहा तो वहां दूसरे चरण में मतदान कराया जा सकता है। सरकार ने समय पर चुनाव कराने की प्रतिबद्धता जताई है। फिलहाल पांच मार्च को मतदान प्रस्तावित है।
नेपाल में आम चुनाव की तैयारी के बीच मौसम एक बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संकेत दिया है कि अगर पहाड़ी और हिमालयी जिलों में मौसम खराब रहा तो वहां मतदान दूसरे चरण में कराया जा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार कराने की पूरी कोशिश है, लेकिन मौसम को देखते हुए वैकल्पिक योजना भी तैयार रखी गई है।
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क्या कहा अंतरिम प्रधानमंत्री ने चुनाव को लेकर?
अंतरिम प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार चुनाव समय पर कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि खास तौर पर हिमालयी जिलों में मौसम अक्सर बाधा बनता है। अगर वहां मौसम अनुकूल नहीं रहा तो उन इलाकों में दूसरे चरण में मतदान कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से 5 मार्च को होने वाले मतदान में भरोसे के साथ हिस्सा लेने की अपील भी की।
कहां दिया बयान और क्या रहा संदर्भ?
अंतरिम प्रधानमंत्री कार्की ने यह बयान गंडकी प्रांत के कावासोती नगर पालिका में आयोजित नेशनल कैडेट कोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल होने के बाद दिया। यह प्रशिक्षण नेपाली सेना के एनसीसी मिड-रीजन ट्रेनिंग स्कूल में हुआ था। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनाव तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी समर्थन पर विस्तार से बात की।
सरकार की तैयारी कितनी मजबूत?
उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए सरकार ने “सौ प्रतिशत प्रयास” किए हैं। प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और चुनाव से जुड़े विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोशिश है कि मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो। सरकार का लक्ष्य है कि हर मतदाता बिना डर और दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।
मौसम क्यों बनता है बड़ी चुनौती?
नेपाल के कई पहाड़ी और हिमालयी जिलों में मार्च के महीने में भी मौसम तेजी से बदलता है। बर्फबारी, बारिश और तेज हवाएं कई बार सड़क और हवाई संपर्क को प्रभावित करती हैं। ऐसे में मतदान दलों की आवाजाही और मतदान केंद्रों तक पहुंच मुश्किल हो सकती है। इसी वजह से सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर इन इलाकों के लिए अलग चरण में मतदान कराया जा सकता है।
चुनाव के बाद क्या उम्मीद जता रही सरकार?
अंतरिम प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि समय पर चुनाव पूरा होने के बाद नई जनप्रतिनिधि व्यवस्था बनेगी। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि सरकार की कमान संभालेंगे और देश को नई दिशा देने का काम करेंगे। उनके मुताबिक चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इसे भयमुक्त माहौल में पूरा कराना सरकार की प्राथमिकता है।