नेपाल में प्रत्यक्ष मतगणना पूरी हो चुकी है और आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत दो निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना अभी भी जारी है। दोनों प्रणालियों से मिल रही सीटों में नेपाली कांग्रेस (नेकां) को 89 सीटें जबकि सीपीएम-यूएमएल को 77 सीटें मिलना तय है। ऐसे में नेकां के सरकार बनाने की पूरी संभावनाएं हैं और उसे भारत-चीन के साथ रिश्तों को संतुलित करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
यदि प्रत्यक्ष और आनुपातिक प्रणाली से मिलने वाली सीटों के गणित का आकलन करें तो सीपीएन-एमसी 32 सीटों के साथ तीसरे, आरएसपी 21 सीटों के साथ चौथे और आरपीपी 14 सीटों के साथ पांचवें स्थान पर रहेगी। ऐसे में किसी भी दल को प्रतिनिधि सभा (निचले सदन) में 138 सीटों का जादुई आंकड़ा छूने के लिए सहयोगी दलों का साथ लेना होगा। जबकि सहयोगी दलों में कुछ धड़े चीन के करीबी हैं और कुछ भारत के। ऐसे में सरकार को दोनों देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाते हुए आगे बढ़ने की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत सीटों का निर्धारण राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त मतों के भार के आधार पर किया जाता है। इसके तहत सीपीएन-यूएमएल को 33 सीटें मिलने की संभावना है, नेकां को 32 और सीपीएन-एमसी को 14 सीटें मिलने की संभावना है। आरएसपी, आरपीपी, जेएसपी और जनमत को सात, सात, पांच और पांच सीटें मिलने की संभावना है। आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत सीपीएन-यूएमएल को सबसे अधिक 27,91,734 मत मिले हैं, जबकि नेकां को 26,66,262 मत मिले हैं।
देउबा से कई उम्मीदें
प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस (नेकां) देश में हुए संसदीय चुनाव में 57 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इसी के साथ सोमवार को नेपाल चुनाव में प्रत्यक्ष प्रणाली के तहत मतगणना पूरी हो गई। देश में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता के बीच 20 नवंबर को चुनाव कराए गए थे जिसकी मतगणना मतदान के दूसरे दिन ही शुरू हो गई। लेकिन मतों की गिनती में देश की भौगोलिक स्थिति के चलते देरी हुई। अब देउबा से नई सरकार को लेकर कई उम्मीदें हैं। वह भारत से रिश्तों के पक्षधर हैं और कई मामलों पर चीन के साथ तटस्थ रुख रखते हैं।
बहुमत के लिए 138 सीटें जरूरी
275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 सीटें प्रत्यक्ष मतदान से चुनी जानी हैं जबकि शेष 110 सीटें आनुपातिक निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से चुनी जाएंगी। जबकि किसी भी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है। नेकां ने सीधे मतदान में 57 सीटें तथा कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी - लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) ने 44 सीटें जीती हैं। सीपीएन-माओवादी केंद्र और सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने क्रमश: 18 और 10 सीटें जीतीं। इसी तरह, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी ने सात-सात सीटें जीती हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने क्रमशः 4 और 3 सीटें जीती हैं। राष्ट्रीय जनमोर्चा, नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी और जनमत पार्टी ने एक-एक सीट जीती है। निर्दलीय उम्मीदवारों ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है।