फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nepal Election: नेपाल : भारत-चीन से संतुलन के बीच सरकार बनाने की कवायदें

Tue, 06 Dec 2022 12:38 AM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से सत्ता साझेदारी और सरकार गठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। नेपाल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री देउबा की नेपाली कांग्रेस 57 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। उसके सरकार बनाने की संभावना प्रबल हो गई है।
विज्ञापन
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाल में प्रत्यक्ष मतगणना पूरी हो चुकी है और आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत दो निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना अभी भी जारी है। दोनों प्रणालियों से मिल रही सीटों में नेपाली कांग्रेस (नेकां) को 89 सीटें जबकि सीपीएम-यूएमएल को 77 सीटें मिलना तय है। ऐसे में नेकां के सरकार बनाने की पूरी संभावनाएं हैं और उसे भारत-चीन के साथ रिश्तों को संतुलित करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

विज्ञापन


यदि प्रत्यक्ष और आनुपातिक प्रणाली से मिलने वाली सीटों के गणित का आकलन करें तो सीपीएन-एमसी 32 सीटों के साथ तीसरे, आरएसपी 21 सीटों के साथ चौथे और आरपीपी 14 सीटों के साथ पांचवें स्थान पर रहेगी। ऐसे में किसी भी दल को प्रतिनिधि सभा (निचले सदन) में 138 सीटों का जादुई आंकड़ा छूने के लिए सहयोगी दलों का साथ लेना होगा। जबकि सहयोगी दलों में कुछ धड़े चीन के करीबी हैं और कुछ भारत के। ऐसे में सरकार को दोनों देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाते हुए आगे बढ़ने की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत सीटों का निर्धारण राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त मतों के भार के आधार पर किया जाता है। इसके तहत सीपीएन-यूएमएल को 33 सीटें मिलने की संभावना है, नेकां को 32 और सीपीएन-एमसी को 14 सीटें मिलने की संभावना है। आरएसपी, आरपीपी, जेएसपी और जनमत  को सात, सात, पांच और पांच सीटें मिलने की संभावना है। आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत सीपीएन-यूएमएल को सबसे अधिक 27,91,734 मत मिले हैं, जबकि नेकां को 26,66,262 मत मिले हैं। 

देउबा से कई उम्मीदें
प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस (नेकां) देश में हुए संसदीय चुनाव में 57 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इसी के साथ सोमवार को नेपाल चुनाव में प्रत्यक्ष प्रणाली के तहत मतगणना पूरी हो गई। देश में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता के बीच 20 नवंबर को चुनाव कराए गए थे जिसकी मतगणना मतदान के दूसरे दिन ही शुरू हो गई। लेकिन मतों की गिनती में देश की भौगोलिक स्थिति के चलते देरी हुई। अब देउबा से नई सरकार को लेकर कई उम्मीदें हैं। वह भारत से रिश्तों के पक्षधर हैं और कई मामलों पर चीन के साथ तटस्थ रुख रखते हैं।
विज्ञापन


बहुमत के लिए 138 सीटें जरूरी
275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 सीटें प्रत्यक्ष मतदान से चुनी जानी हैं जबकि शेष 110 सीटें आनुपातिक निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से चुनी जाएंगी। जबकि किसी भी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है। नेकां ने सीधे मतदान में 57 सीटें तथा कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी - लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) ने 44 सीटें जीती हैं। सीपीएन-माओवादी केंद्र और सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने क्रमश: 18 और 10 सीटें जीतीं। इसी तरह, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी  ने सात-सात सीटें जीती हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने क्रमशः 4 और 3 सीटें जीती हैं। राष्ट्रीय जनमोर्चा, नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी और जनमत पार्टी ने एक-एक सीट जीती है। निर्दलीय उम्मीदवारों ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है।


 

विज्ञापन

नेपाल में पांच दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन ने 165 में से 90 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सोमवार को प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के आधिकारिक आवास पर बैठक की। इस दौरान आम चुनावों की समीक्षा करने के साथ नई सरकार के गठन पर चर्चा की। बैठक में नेपाली कांग्रेस के प्रमुख देउबा, वरिष्ठ नेता राम चंद्र पौडेल, उपाध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का, सीपीएन (माओवादी केंद्र) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल 'प्रचंड', वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण काजी श्रेष्ठ, सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के अध्यक्ष माधव नेपाल और राष्ट्रीय जनमोर्चा उपाध्यक्ष दुर्गा पौडेल शामिल हुए।

बैठक के बाद संयुक्त बयान में गठबंधन के नेताओं ने कहा कि परिणामों ने आपसी सहमति तथा सहयोग के साथ आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर डाला है। यह जरूरी है कि देश के सामने चुनौतियों का सामना करने के लिए मौजूदा गठबंधन जारी रहे।

नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से सत्ता साझेदारी और सरकार गठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। नेपाल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री देउबा की नेपाली कांग्रेस 57 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। उसके सरकार बनाने की संभावना प्रबल हो गई है। संसदीय चुनाव के लिए प्रत्यक्ष मतदान के तहत मतगणना सोमवार को यहां समाप्त हो गई।

प्रत्यक्ष चुनाव में सीपीएन-माओइस्ट सेंटर को 18 सीट मिली हैं, जबकि सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट को 10 सीट पर जीत हासिल हुई है। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को चार और राष्ट्रीय जनमोर्चा ने एक सीट पर जीत हासिल की है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त करने के लिए प्रतिनिधि सभा और सात प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव 20 नवंबर को हुए और मतगणना एक दिन बाद शुरू हुई।  नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से चुने जाएंगे, जबकि शेष 110 आनुपातिक चुनाव प्रणाली के माध्यम से निर्वाचित होंगे। किसी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें