नेपाल के प्रतिनिधि सभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। प्रत्यक्ष चुनाव में 125 सीटें जीतने के बाद समानुपातिक प्रणाली से मिलने वाली सीटों के साथ पार्टी के सांसदों की संख्या 183 तक पहुंच जाएगी।
नेपाल में हाल ही में हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। अब अगले सप्ताह के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। आरएसपी ने काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जिससे नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
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निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रत्यक्ष चुनाव की 165 में से 164 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें आरएसपी ने 125 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त हासिल की है। समानुपातिक प्रणाली के तहत मिलने वाली सीटों के बाद पार्टी की कुल संख्या 183 तक पहुंच जाएगी। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में यह संख्या दो-तिहाई बहुमत के बराबर है। इसके बाद अब संविधान के तहत नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
आरएसपी को संसद में कितनी ताकत मिली?
निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई के अनुसार आरएसपी को मिले वोटों के आधार पर समानुपातिक प्रणाली से 58 सीटें मिलेंगी। इस तरह प्रतिनिधि सभा में उसके सांसदों की कुल संख्या 183 हो जाएगी। 275 सदस्यीय सदन में यह लगभग 66 प्रतिशत बहुमत है। इससे पार्टी को सरकार बनाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेने में भी मजबूती मिलेगी।
अन्य दलों का प्रदर्शन कैसा रहा?
चुनाव में अन्य प्रमुख दलों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। नेपाली कांग्रेस को प्रत्यक्ष चुनाव से 18 सीटें मिली हैं और समानुपातिक प्रणाली से 19 सीटें मिलने की उम्मीद है। इस तरह उसके कुल सांसद 37 होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी नेकपा एमाले को प्रत्यक्ष चुनाव से 8 सीटें मिली हैं और समानुपातिक प्रणाली से 16 सीटें मिलने की संभावना है। इससे उसके कुल सांसद 24 हो जाएंगे। वहीं प्रचंड की पार्टी को कुल 17 सीटें मिलने का अनुमान है।
सरकार गठन की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
निर्वाचन आयोग का लक्ष्य अगले सप्ताह तक अंतिम चुनावी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को सौंपने का है। संविधान के अनुसार रिपोर्ट मिलने के बाद नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा अंतिम परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर संसद का सत्र बुलाना अनिवार्य है। नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री को एक महीने के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा।
राष्ट्रीय सभा में क्या हुआ?
इसी बीच नेपाल की राष्ट्रीय सभा के नवनिर्वाचित सदस्यों ने सोमवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह सदन भारत की राज्यसभा की तरह है। राष्ट्रीय सभा की 59 सीटों में से 18 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। इन चुनावों में नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और लोसपा के गठबंधन ने जीत दर्ज की थी। नवनिर्वाचित सदस्यों ने कहा कि वे देश के हित में बेहतर कानून और नीतियां बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।