नेपाल चुनाव आयोग ने सोमवार को देश में मध्यावधि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है, हालांकि प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विभिन्न याचिकाएं दायर होने के कारण चुनावों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
नेपाल में तमाम अनिश्चितताओं के बीच मध्यावधि चुनाव होंगे। नेपाल चुनाव आयोग ने सोमवार को मध्यावधि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। हालांकि प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विभिन्न याचिकाएं दायर होने के कारण चुनावों को लेकर अनिश्चितता का माहौल अब भी बना हुआ है।
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राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर पिछले पांच महीनों में 22 मई को दूसरी बार संसद के निचले सदन को भंग कर दिया और 12 से 19 नवंबर के बीच मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की। नेपाल की 275 सदस्यीय संसद में विश्वास मत खोने के बाद प्रधानमंत्री ओली फिलहाल अल्पमत की सरकार चला रहे हैं।
चुनावी प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी
सोमवार को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि चुनावी प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, राजनीतिक दलों को 15 से 30 जुलाई के बीच चुनाव आयोग में पंजीकरण कराना होगा।
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चुनाव के लिए पंजीकरण कराने संबंधी राजनीतिक दलों के आवेदनों को जुलाई के अंत तक मंजूरी दी जाएगी और सात अगस्त को उनकी सूची नेपाल गजट में प्रकाशित की जाएगी।