नेपाल की एक अदालत ने दो लोगों को आंतकी हमले की साजिश रचने का दोषी माना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सात साल पहले दोनों आरोपियों ने भारत में एक ट्रेन में बम रखा था, जिन्हें अब दोषी मान लिया गया है। आरोपियों में से एक संदिग्ध आईएसआई एजेंट है।
यह है पूरा मामला
अदालत के प्रवक्ता धन बहादुर कार्की ने बताया कि आरोपियों की पहचान समसुल होदा और बृज किशोर गिरी के रूप में की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग विभाग ने दोनों नेपाली नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अगली सुनवाई में अदालत दोनों आरोपियों को सजा सुनाएगी। बता दें, फैसला और घटना का विवरण फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दुबई में रहते हुए होदा एक पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में आया और भारत के खिलाफ आंतक की साजिश रची। होदा ने बिहार में बम प्लांट करने के लिए कुछ पाकिस्तानी और नेपाली युवाओं को जुटाया था। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण बम विस्फोट नहीं हुआ।
बता दें, पाकिस्तान के लिए आईएसआई होदा को पैसे देती थी और दुबई से नेपाल भेजती थी। बम विस्फोट योजना विफल होने के वजह से होदा ने दो भारतीय नागरिकों की हत्या भी कर दी।