फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earthquake: नेपाल में महसूस किए गए भूकंप के झटके, बिहार में भी कांपी धरती

Wed, 19 Oct 2022 03:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडृ/पटना
विज्ञापन
भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

नेपाल और भारत के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेपाल में भूकंप दोपहर दो बजकर 52 मिनट पर आया। यह काठमांडू से 53 किमी. दूर पूर्व की ओर महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.1 मांपी गई। इसका असर भारत के कुछ हिस्सों में महसूस किया गया। बिहार के कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। पटना के अलावा पश्चिम चंपारण में भूकंप के झटके को महसूस किए गए। फिलहाल कहीं भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

कैसे आता है भूकंप?

विज्ञापन

भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता 

  • रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
  • इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
  • वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
  • हल्के श्रेणी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें