नेपाल प्रशासन ने शुक्रवार को राजतंत्र समर्थकों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए काठमांडो स्थित नारायणहिती पैलेस संग्रहालय के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए। निर्दिष्ट क्षेत्र में पांच से अधिक लोगों की सभा, धरना, प्रदर्शन, रैली और अन्य विरोध संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। काठमांडो जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संग्रहालय के आसपास के क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। यह निर्णय राजधानी में हाल के राजतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद लिया गया है। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी सहित राजतंत्र समर्थक समूहों ने बृहस्पतिवार से नेपाल में राजतंत्र की पुनर्स्थापना और हिंदू राष्ट्र की स्थापना के उद्देश्य से विरोध कार्यक्रम शुरू किए हैं।
जिला प्रशासन के प्रमुख ऋषिराम तिवारी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, यह प्रतिबंध 31 मई से 8 जुलाई तक लागू रहेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में केशरमहल चौक से नारायणहिती पैलेस संग्रहालय के दक्षिणी गेट तक और जय नेपाल मोड से महेंद्र प्रतिमा तक का इलाका शामिल है। राजतंत्र समर्थक समूहों ने शनिवार को संग्रहालय क्षेत्र के नजदीक प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि नेपाली राजनीतिक दलों ने संसद की घोषणा के माध्यम से 2008 में 240 साल पुरानी राजशाही को समाप्त कर दिया था और तत्कालीन हिंदू राज्य को एक धर्मनिरपेक्ष, संघीय, लोकतांत्रिक गणराज्य में बदल दिया। हाल के महीनों में काठमांडू और देश के कुछ अन्य हिस्सों में राजशाही समर्थकों ने कई विरोध प्रदर्शन किए हैं।