एक तरफ नेपाल ने अपने नए नक्शे को लेकर संसद में संविधान संशोधन प्रस्ताव पास कर दिया है, तो दूसरी तरफ सीमा विवाद को लेकर भारत से सकारात्मक बातचीत की तारीख का इंतजार भी कर रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने कहा है कि सरकार को भारत से जल्दी ही सकारात्मक बातचीत की उम्मीद है।
ग्यावली का ये बयान भारतीय विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद आया है, जिसमें भारत ने कहा था कि नेपाल से सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से सीमा विवाद को लेकर बातचीत करने का रास्ता हमेशा खुला है। ग्यावली ने संसद में कहा कि भारत जैसे ही बातचीत की सहमति देगा, नेपाल इसके लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया है कि ये मुद्दा दोतरफा बातचीत के जरिए सुलझ जाएगा।
दरअसल, दोनों देशों के बीच सदियों से चले आ रहे इस विवाद को फिर से हवा तब मिली, जब भारत ने पिछले साल नवंबर में अपना नया नक्शा जारी कर उसमें विवादास्पद कालापानी को भी शामिल कर लिया था। इसके जवाब में नेपाल ने भी हाल ही में अपना नया नक्शा तब जारी किया जब भारत ने लिपुलेख दर्रे से होकर गुजरने वाली मानसरोवर तक की सड़क का उद्घाटन कर दिया।
इसके बाद से ही ये विवाद और बढ़ गया। नेपाल की ओर से दिए गए बातचीत के प्रस्ताव को भारत की ओर से नजरअंदाज किए जाने के बाद नेपाल की बौखलाहट और बढ़ गई और आनन फानन में उसने अपने नक्शे को संसद की मंजूरी भी दिलवा दी। जाहिर है दोनों देशों के सकारात्मक रुख को देखकर ये लगने लगा है कि जल्दी ही बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस विवाद के हल की ओर दोनों देश कुछ आगे जरूर बढ़ेंगे।