फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल ने नागरिकता कानून में किया संशोधन, विदेशी महिलाओं को करना होगा सात साल लंबा इंतजार

Mon, 22 Jun 2020 08:33 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

नेपाल की सरकार ने नेपाली पुरुषों के साथ विवाह करने वाली विदेशी महिलाओं के लिए नागरिकता कानून में बदलाव किया है। नेपाल की संसद की प्रतिनिधि सभा की राज्य व्यवस्था समिति ने नागरिकता कानून में संशोधन के सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पाटी के प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया है।

विज्ञापन


नए प्रस्ताव के तहत नेपाली पुरुषों के साथ विवाह करने वाली विदेशी महिलाओं को शादी के बाद नेपाल की नागरिकता पाने के लिए सात साल तक का लंबा इंतजार करना होगा। यह कानून भारत समेत तमाम देशों पर लागू होगा। 

हालांकि समिति से अधिकतर सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सहमति दे दी है लेकिन देश की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियों ने इस विवादित संशोधन प्रस्ताव का विरोध किया है। नेपाली नागरिकरता पाने के लिए विदेशी महिला को सात साल बाद अपनी पुरानी नागरिकता त्यागने का प्रमाण या उससे जुड़ा प्रमाण दिखाना होगा।
विज्ञापन


पार्टी के सचिवालय में शनिवार को हुई एक बैठक में ये फैसला लिया गया है। ये कानून भारत सहित सभी विदेशी महिलाओं पर लागू होगा। सत्तारुढ़ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि नागरिकता कानून 2006 में संशोधन करना पड़ोसी देश भारत जैसा कदम उठाना है जहां भारतीय पुरुष से शादी करने वाली विदेशी महिला को कानूनी तौर पर नागरिकता का अधिकार पाने के लिए सात साल का इंतजार करना पड़ता है।

वहीं कम्युनिस्ट पार्टी, विपक्षी नेपाली कांग्रेस और जनता समाजवादी पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि शादी के बाद किसी महिला के नागरिकता पाने के कानूनी हक के मूलभूत हक पर इस प्रस्ताव का असर पड़ेगा। इन नेताओं का कहना है कि कम्युनिस्ट पार्टी की जिस बैठक में इस नए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है उसमें सिर्फ नौ पुरुष सदस्य थे।

उनका कहना है कि भारत और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों के बीच अंतर-देशीय शादियां सदियों से होती रही हैं और इस नए प्रस्ताव से नागरिकों के बीच के आपसी संबंध बिगड़ सकते हैं। नेता ये डर भी जता रहे हैं कि नागरिकता कानून को लेकर जारी विवाद से नागरिकता सुधारों और इस नए कानून को संसद से मंजूरी मिलने में देरी हो सकती है, और इसका असर नागरिकता सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे लोगों पर पड़ सकता है।

नेपाल में नागरिकता का सर्टिफिकेट जरूरी प्रमाण पत्र होता है जिसकी जरूरत ढेरों काम के लिए होती है, यहां तक मोबाइल फोन के सिम कार्ड लेने के लिए भी इसे दिखाना होता है। नागरिकता कानून 2006 में लाए गए कानून में नेपाली पुरुष से शादी करने वाली विदेशी महिला की नागरिकता सबसे विवादित मुद्दों में से एक है। लेकिन दो साल बाद भी इस मुद्दे पर विवाद जारी है, और अब इस नए प्रस्ताव के बाद विवाद और गहरा रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें