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सालों पहले नाओमी राव ने 'डेट रेप' पर लिखा था लेख, अब किया तीखे सवालों का सामना

Wed, 06 Feb 2019 01:17 PM IST
अनिल पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Neomi Rao - फोटो : PTI
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अमेरिका में ज्यूडिशियल वॉर एक बार फिर शुरू हो गई है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के नए जस्टिस की नियुक्ति को लेकर सीनेट ज्यूडिशरी कमिटी की बैठक हुई। इस बैठक में नाओमी राव को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। बता दें नाओमी को ट्रंप ने ब्रैट कानवाह की सीट जो अब खाली हो चुकी है, के लिए नामित किया है।

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कानूनी हलकों में भारतीय-अमेरिकी राव एक सम्मानित नाम हैं और उन्हें अपने क्षेत्र के माहिर के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने अपनी शिक्षा और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। येल एवं शिकागो यूनिवर्सिटी से लॉ ग्रेजुएट राव ने निजी क्षेत्र में भी काम किया है। उन्हें लंदन स्थित कानूनी फर्म के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता समूह क्लिफोर्ट चांस एलएलपी में काम करने का भी अनुभव है। जुलाई 2017 में ट्रंप प्रशासन में शामिल होने से पहले राव जीएमयू में एसोसिएट लॉ प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थीं।

उन्हें डेमोक्रेट्स के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा, न केवल ट्रंप प्रशासन में किए अपने काम को लेकर बल्कि दशकों पहले लिखे अपने कुछ लेखों के लिए भी। राव ने येल यूनिवर्सिटी की छात्रा रहते हुए महिलाओं को सुझाव दिया था कि डेट रेप से बचने के लिए महिलाओं को अपने व्यवहार में बदलाव करना चाहिए।
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बैठक में शामिल अधिकतर डेमोक्रेट्स ने राव के पुराने लेखों का जिक्र किया। राव ने सवालों के जवाब में कहा कि उन्होंने दो दशक पहले कॉलेज में अनवेषण के समय ये सब लिखा था। राव ने अपने कॉलेज के समय में डेट रेप को लेकर लिखा था, "मुझे सब पता होता है जबकि मैंने बहुत पी होती है, मैं अपने कामों के लिए अभी भी खुद जिम्मेदार हूं।"

उन्होंने लिखा था, "नशे में लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आदमी के खिलाफ कार्यवाई होनी चाहिए। ठीक उसी समय, संभावित डेट रेप से बचने के लिए संयमित रहें।" मंगलवार को इसपर राव ने कहा कि उन्होंने अपने लेख में इस बात पर जोर दिया था कि दुष्कर्म अपराध है और किसी को पीड़िता पर दोष नहीं लगाना चाहिए लेकिन उसमें कॉमन सेंस होना चाहिए कि कुछ ऐसे कदम उठा सके कि इसकी संभावना कम हो कि वह शिकार बने। राव का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वह एक लेखक और एक व्यक्ति को तौर पर परिपक्व हुई हैं।

डेमोक्रेटिक सीनेटर पैट्रिक लिअही ने राव की टिप्पणी पर कहा कि पूर्व अभियोजक रहते हुए उन्होंने कई दुष्कर्म के मामले देखे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि राव की ऐसी भावनाएं कई महिलाओं को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने में शर्म महसूस करवा सकती हैं।
   
राव ने दोबारा प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ये साफ कर देना चाहती हैं कि दुष्कर्म एक घिनौना अपराध है, जिसके लिए पुरुष को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राव ने कहा कि उन्होंने कॉमन सेंस ऑब्जरवेशन के बारे में कहने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा कि यह ऐसी सलाह है जो उन्हें उनकी मां ने दी थी और जो वो अपने बच्चों को देती हैं। राव का कहना है कि वह पीड़ित को दोष देने के किसी भी प्रकार की मंशा के लिए अफसोस जताती हैं। बता दें सीनेट कमिटि में रिपब्लिकन बहुमत में थे। वह राव के बचाव में उतरे। वहीं कुछ टॉप डेमोक्रेट्स नेताओं ने राव की पुराने लेख और टिप्पणियों के बजाय उनके ट्रंप प्रशासन में किए काम पर ध्यान दिया। 

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