बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व विधायक सौम्य रंजन पटनायक ने बुधवार को कहा कि नवीन पटनायक को अपने करीबी सहयोगी वी के पांडियन पर दोष मढ़कर हार से बचने के प्रयास नहीं करना चाहिए। सौम्य रंजन ने कहा कि उन्हें ओडिशा की जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
सभी सियासी अनुमानों को ध्वस्त करते हुए भाजपा ने ओडिशा विधासभा चुनाव में 147 सीट में से 78 सीट पर जीत दर्ज कर बीजद को हराया है। बीजद को लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली है। बीजद की हार में वीके पांडियन की भूमिका को लेकर सौम्य रंजन ने पूछा, वीके पांडियन कौन हैं और वह हेलीकॉप्टर से राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कैसे कर रहे हैं? यह ताकत उन्हें किसने दी है? मुख्यमंत्री ने ही उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजद नेता सोच रहे हैं कि वे अपने मालिक के गुलाम हैं। उन्होंने मेरी राय में गुलाम पार्टी नहीं चला सकते। ओडिशा की जनता ने 24 साल तक बीजद को अपना प्यार और पूर्ण समर्थन दिया है। लेकिन पटनायक शायद उन्हें बदले में कोई इनाम देने में विफल रहे।
पूर्व विधायक ने 24 साल तक शासन करने के बाद भी उड़ीया भाषा न सीखने को लेकर भी पटनायक की आलोचना की। सौम्य रंजन को 2023 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया गया था। इससे पहले उन्हें पार्टी के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। वह पूर्व मुख्यमंत्री जे बी पटनायक के दामाद हैं।