NATO Summit: नाटो देशों ने 2035 तक अपने रक्षा खर्च को जीडीपी के पांच फीसदी तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूरोप की यह जिम्मेदारी भविष्य में रूस-यूक्रेन जैसे संकटों को रोकने में मदद करेगी। ट्रंप और उनके यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की की भी मुलाकात हुई, जिसमें युद्धविराम पर चर्चा हुई।
नाटो देशों ने यह फैसला किया है कि वे 2035 तक अपने रक्षा खर्च को बढ़ाएंगे और हर साल अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पांच फीसदी खर्च करेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने के तुरंत बाद शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने के वास्ते यूरोप के कदम उठाने से रूस और यूक्रेन के साथ खौफनाक स्थिति जैसी भविष्य की आपदाओं को रोकने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि हम इसे हल कर लेंगे।
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ट्रंप ने यह भी दोहराया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं जो फरवरी 2022 में मॉस्को के आक्रमण के साथ शुरू हुआ था। अप्रैल में पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के दौरान सेंट पीटर बेसिलिका में हुई मुलाकात के बाद ट्रंप और जेलेंस्की के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। ट्रंप की इस साल की शुरुआत में व्हाइट हाउस में जेलेंस्की के साथ काफी तीखी नोंक-झोंक हुई थी।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि हेग वार्ता सार्थक रही। उन्होंने अमेरिकी सहायता के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हमने इस बात पर चर्चा की कि युद्धविराम और वास्तविक शांति कैसे प्राप्त की जाए। हमने इस बारे में बात की कि अपने लोगों की सुरक्षा कैसे की जाए।
इस बीच, ट्रंप ने बुधवार को नाटो की पारस्परिक रक्षा गारंटी के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। इससे एक दिन पहले उन्होंने इसके प्रति कटिबद्धता पर संदेह जताकर 32 देशों के गठबंधन को फिर से झकझोर दिया था। ट्रंप ने लगभग 24 घंटे बाद कहा कि वह उस प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं।