पिछले तीस महीने से ज्यादा समय से चल रहे रूस और यूक्रेन के बीच जंग किस मोड़ पर जाकर थमेगी इसका अंदाजा लगाना कठिन है। बीते दिनों में कई बार इस बात का दावा किया गया है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को उत्तर कोरिया के सैनिक मदद कर रहे है। जिसको लेकर नाटो नें भी पुष्टि कर दी है। नाटो ने कहा कि उत्तर कोरिया के सैनिकों को यूक्रेन के खिलाफ लगभग तीन साल से चल रहे युद्ध में रूस की मदद के लिए भेजा गया है। इनमें कुछ को पहले ही रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में तैनात किया जा चुका है।
मार्क रूट ने की पुष्टि
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) महासचिव मार्क रूट ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, मैं पुष्टि कर सकता हूं कि उत्तर कोरिया के सैनिकों को रूस भेजा गया है। उत्तर कोरिया की सैन्य इकाइयों को कुर्स्क क्षेत्र में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा यह कदम संघर्ष में उत्तर कोरिया की भागीदारी को दर्शाता है व रूस के युद्ध के खतरनाक विस्तार को चिह्नित करता है।
बता दें कि रूट की यह टिप्पणी शीर्ष खुफिया, सैन्य अफसरों व वरिष्ठ राजनयिकों वाले उच्च स्तरीय दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल की तरफ से ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में गठबंधन बल के 32 राष्ट्रीय राजदूतों को जानकारी देने के बाद आई। रूट ने कहा, नाटो गठबंधन के भीतर, यूक्रेन व हमारे हिंद-प्रशांत साझेदारों के साथ घटनाक्रम पर परामर्श कर रहा है।
यूक्रेन व अमेरिका ने पहले ही जताई थी आशंका ः यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुफिया खबरों के हवाले से शुक्रवार को दावा किया था कि उत्तर कोरिया के सैनिक कुछ दिन में युद्ध क्षेत्र में होंगे। उन्होंने पहले कहा था कि उनकी सरकार ने सूचित किया है कि उनके देश के खिलाफ रूस के बलों के साथ शामिल होने के लिए उत्तर कोरिश के करीब 10 हजार जवानों को तैयार किया जा रहा है।
यूक्रेन ने रूस पर किए ड्रोन हमले
यूक्रेन ने रूस के दक्षिणी क्षेत्र वोरोनिश में इथेनॉल संयंत्रों पर ड्रोन हमले किए। क्षेत्रीय गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने हमले में दो औद्योगिक संयंत्रो को नुकसान पहुंचने व दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। गुसेव ने सोशल मीडिया पर बताया कि दमकलकर्मियों ने क्षेत्र के एनिन्स्की जिले में लगी आग को बुझा दिया है। उन्होंने दावा किया कि रविवार देर रात क्षेत्र में करीब 10 यूक्रेनी ड्रोन का पता लगाकर नष्ट कर दिया गया।