यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी के प्रवक्ता नासिर अजीज खान
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पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान को 1947 से ही गुलाम बना रखा है। यहां किसी भी नागरिक को किसी तरह की आजादी नहीं है। क्षेत्रीय व विदेशी पत्रकाराें तक को गिरफ्तार कर लिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के जिनेवा में जारी मानवाधिकार परिषद के 46वें सत्र में यह हालात यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी के प्रवक्ता नासिर अजीज खान ने बताए।
उन्हाेंने ब्रिटिश कश्मीरी पत्रकार तनवीर अहमद और कार्यकर्ता हुमायूं पाशा की रिहाई के लिए भी यूएन से हस्तक्षेप की मांग की। नासिर ने कहा कि पाक द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। यहां न प्रेस की आजादी है, न अभिव्यक्ति की।
इस्लाम आतंकवाद के सहारे नागरिकों का दमन
अजीज के अनुसार यहां इस्लाम और आतंकवाद को हथियार की तरह उपयोग कर नागरिकों को दबाया जाता है। जागरूक कश्मीरियों व कार्यकर्ताओं को ढूंढ कर मारा जा रहा है। विरोधियों को विदेशी एजेंट, इस्लाम विरोधी करार दिया जाता है।
कभी निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए
अजीज ने बताया कि उनके क्षेत्र में कभी निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए। हाल में राष्ट्रीय दलों पर पाबंदी लगा दी गई है। आजाद जम्मू और कश्मीर चुनाव अधिनियम 2020 बनाकर सभी दलों को कहा गया है कि वे पाकिस्तान के प्रति वफादारी साबित करें। कोई उसके खिलाफ राय नहीं रख सकता।