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Nasa's UFO report: नासा ने UFO और एलियंस की मौजूदगी क्यों नहीं नकारी, रिपोर्ट ने कितने रहस्यों से उठाया पर्दा?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 15 Sep 2023 03:45 PM IST

सार

NASA UFO Report: नासा की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में सैन्य विमान चालकों ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में ऐसी वस्तुओं को देखने की सूचना दी है जिन्हें वे नहीं पहचानते थे। हालांकि अभी पर्याप्त डाटा नहीं है, जिसके चलते यूएफओ को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।  
 
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यूएफओ - फोटो : AMAR UJALA
नासा की यूएफओ यानी गुमनाम वस्तुओं से जुड़ी रिपोर्ट का इंतजार खत्म हो गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने यूएफओ पर गुरुवार को 33 पन्नों की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में नासा ने बताया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अस्पष्ट घटनाओं के पीछे एलियंस ही हैं लेकिन नासा ने इससे इनकार भी नहीं किया है। इसने एक यूएफओ अनुसंधान निदेशक की नियुक्ति की है जो आगामी वर्षों में यूएफओ से जुड़ा विस्तृत अध्ययन करेंगे।

नासा की इस रिपोर्ट पर पूरी दुनिया की नजर रही है। रिपोर्ट में एजेंसी ने माना है कि यूएफओ हमारे ग्रह के सबसे बड़े रहस्यों में से एक हैं। इस बीच सवाल उठते हैं कि आखिर यूएफओ क्या है? नासा की यूएफओ पर आई रिपोर्ट क्या है? इसमें अहम बातें क्या कही गई हैं? एलियंस पर रिपोर्ट क्या कहती है? रिपोर्ट आने के बाद अब आगे क्या? आइये जानते हैं…
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यूएफओ - फोटो : AMAR UJALA
नासा की यूएफओ यानी गुमनाम वस्तुओं से जुड़ी रिपोर्ट का इंतजार खत्म हो गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने यूएफओ पर गुरुवार को 33 पन्नों की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में नासा ने बताया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अस्पष्ट घटनाओं के पीछे एलियंस ही हैं लेकिन नासा ने इससे इनकार भी नहीं किया है। इसने एक यूएफओ अनुसंधान निदेशक की नियुक्ति की है जो आगामी वर्षों में यूएफओ से जुड़ा विस्तृत अध्ययन करेंगे।

नासा की इस रिपोर्ट पर पूरी दुनिया की नजर रही है। रिपोर्ट में एजेंसी ने माना है कि यूएफओ हमारे ग्रह के सबसे बड़े रहस्यों में से एक हैं। इस बीच सवाल उठते हैं कि आखिर यूएफओ क्या है? नासा की यूएफओ पर आई रिपोर्ट क्या है? इसमें अहम बातें क्या कही गई हैं? एलियंस पर रिपोर्ट क्या कहती है? रिपोर्ट आने के बाद अब आगे क्या? आइये जानते हैं…

यूएफओ - फोटो : AMAR UJALA
आखिर यूएफओ है क्या?
इनसायक्लोपीडिया ब्रिटैनिका के मुताबिक, यूएफओ आकाशीय वस्तुएं या प्रकाशीय घटनाएं हैं जो हवाई वस्तुओं की तरह दिखती हैं। इन्हें देखने वाला पहचानने में असमर्थ होता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संभवत रॉकेट तकनीकी के विकास के कारण यूएफओ पहली बार चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया। इनको आधिकारिक रूप से अज्ञात असामान्य घटनाएं कहा जाता है। 

NASA - फोटो : Amar Ujala
नासा की यूएफओ पर आई रिपोर्ट क्या है? 
यूएफओ और एलियंस का अस्तित्व है या नहीं, यह दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए यक्ष प्रश्न है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने जून 2022 में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के 16 सदस्यीय एक पैनल का गठन किया। इन विशेषज्ञों ने 2022 में ही यूएफओ में अनुसंधान में मदद करने के लिए नासा के लिए एक रोड मैप तैयार किया। इसमें योजना बनाई गई कि डाटा के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि रहस्यमय घटनाओं का वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया जा सकता है या नहीं। 

इस साल मई में यूएफओ पर समूह ने अपनी पहली सार्वजनिक बैठक की। बैठक में सैकड़ों रहस्यमयी दृश्यों की उत्पत्ति स्पष्ट करने के लिए अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया। इसी पैनल द्वारा तैयार 33 पन्नों की रिपोर्ट को नासा ने गुरुवार को जारी की। टीम को इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि अस्पष्ट घटनाएं होती हैं।

यूएफओ - फोटो : AMAR UJALA
इसमें अहम बातें क्या कही गई हैं?
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में कई विश्वसनीय सबूतों, खासकर सैन्य विमान चालकों ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में ऐसी वस्तुओं को देखने की सूचना दी है जिन्हें वे नहीं पहचानते थे। इनमें से अधिकांश घटनाओं की व्याख्या की जा चुकी है, लेकिन कुछ मुट्ठी भर घटनाओं को तुरंत पहचाना नहीं जा सकता है। कहा गया कि अभी पर्याप्त डाटा नहीं है, जिसके चलते यूएफओ को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका।  

हालांकि, रिपोर्ट से पता चलता है कि नासा मौजूदा तकनीक का उपयोग करके उत्तर खोजने के अपने प्रयासों का विस्तार कर सकता है। इसमें पाया गया कि नासा यूएफओ पर अधिक डाटा जुटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। एजेंसी ने कहा है कि इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए नई वैज्ञानिक तकनीकों और उन्नत उपग्रहों की जरूरत होगी।

एलियंस पर नासा ने क्या कहा?
रिपोर्ट में नासा ने माना है कि यूएफओ हमारे ग्रह के सबसे बड़े रहस्यों में से एक हैं। नासा के प्रबंधक बिल नेल्सन ने कहा कि उनका मानना है कि इस ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा भी जीवन है। नेल्सन ने इस बात पर जोर दिया कि एलियंस की खोज पहले से ही नासा का मुख्य सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि एजेंसी दशकों से इस तरह के शोध में लगी हुई है और ब्रह्मांड में ऐसे चीजों की खोज के लिए उन्नत दूरबीनों का उपयोग जारी रखेगी।

एक्सोप्लैनेट K2-18 बी द्वारा जारी वेब डेटा से पता चलता है कि 'रहने योग्य' क्षेत्र में ग्रह पर दुर्लभ महासागर और जीवन के संभावित संकेत हो सकते हैं। नेल्सन ने कहा, 'मैं मानता हूं कि ब्रह्मांड में जीवन है जो इतना विशाल है कि मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि यह कितना बड़ा है। फिर भी इसका मतलब यह नहीं है कि यूएफओ ही ऐसे जीवन का सबूत है। यदि यह अस्तित्व में है, तो उसे पृथ्वी तक पहुंचने में लाखों प्रकाश वर्ष की यात्रा करने की आवश्यकता होगी।' नेल्सन ने कहा कि हम यूएफओ के बारे में बातचीत को सनसनीखेज से विज्ञान की ओर मोड़ना चाहते हैं।

AI - फोटो : Istock
तो कैसे होगी इन अदृश्य वस्तुओं की खोज?
एजेंसी प्रमुख नेल्सन ने उत्तरों के लिए विशाल डाटा भंडार को खोजने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का उल्लेख किया। कहा गया कि AI और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से यूएफओ को लेकर अध्ययन किया जाएगा। इससे वैज्ञानिकों को इन अस्पष्ट घटनाओं के घटित होने के समय क्या हो रहा था, इसकी साफ तस्वीर प्रदान करने के लिए कई उपकरणों द्वारा जुटाई गई जानकारी को जांचने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पृथ्वी पर नजर रखने वाली उपग्रहों में स्पेटियल रेजोल्यूशन की कमी होती है, जिसके चलते यूएफओ जैसे छोटी वस्तुओं पर नजर नहीं रखी जा सकती। 

भविष्य के मिशन पर अधिक जोर
नासा ने अपनी रिपोर्ट में भविष्य के मिशन पर अधिक बल दिया है। एजेंसी ने कहा कि वह जिन नए मिशन की योजना बना रहे हैं, उनमें ग्रह के वातावरण और सतह पर एलियंस तकनीक का पता लगाने का भी प्रयास करेंगे। नासा ने यूएफओ पर रिसर्च के लिए नए निदेशक मार्क मैकइनर्नी की नियुक्ति कर दी है। 

उन्होंने पहले यूएफओ से जुड़े मुद्दों के लिए रक्षा विभाग के साथ नासा के संपर्क सूत्र के रूप में कार्य किया था। नासा ने कहा कि उन्होंने मैरीलैंड में नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन और नेशनल हरिकेन सेंटर में कई पदों पर भी काम किया है।
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