नासा के शोधकर्ताओं ने हाल ही में खुलासा किया है कि फरवरी के बाद से कोरोना काल में हुए लॉकडाउन से उद्योगों से निकलने वाले धुएं में 20 फीसदी तक की कमी आई है। नासा के एक मॉडल के अनुसार, महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंधों ने विश्व भर में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड सांद्रता को लगभग 20 प्रतिशत कम कर दिया है।
मैरीलैंड के ग्रीनो वेल्ट में नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में यूनिवर्सिटी स्पेस रिसर्च एसोसिएशन (यूएसआरए) के प्रमुख लेखक क्रिस्टोफ़ केलर ने कहा़, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एक वायु प्रदूषक है जो मुख्य रूप से उद्योग और परिवहन द्वारा उपयोग किए जाने वाले जीवाश्म ईंधन के दहन से उत्पन्न होता है। हम सभी जानते थे कि लॉकडाउन का वायु की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ने वाला है।