नासा के निक हेग और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के अलेक्जेंडर गोरबुनोव 12 मार्च को आईएसएस पहुंचेंगे। दोनों दल एक सप्ताह तक साथ रहेंगे, जिसके बाद विलमोर और विलियम्स स्पेसएक्स से पृथ्वी के लिए रवाना होंगे।
बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में नौ माह बिताने के बाद आखिरकार धरती पर लौटने वाले हैं। भारतीय मूल की विलियम्स और विल्मोर को अगले हफ्ते तक उनकी जगह अन्य अंतरिक्ष यात्री के आने तथा उसके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचने तक इंतजार करना होगा। इसके बाद वे इस माह के अंत में धरती पर लौट सकेंगे।
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सुनीता और बुच अपने ‘स्पेसएक्स राइड होम’ में दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शामिल होंगे। बुच विल्मोर ने कहा, राजनीति जीवन का हिस्सा है, लेकिन इसने उनके व विलियम्स के लौटने में कोई भूमिका नहीं निभाई। हालांकि, ‘स्पेसएक्स कैप्सूल’ में बदलाव के कारण उनकी वापसी का समय कुछ हफ्ते और बढ़ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इनकी वापसी में विलंब के लिए उन्होंने पिछले प्रशासन को दोषी ठहराया। विलियम्स ने कहा, यह जगह बहुत बढ़िया है। विलियम्स तीन बार अंतरिक्ष स्टेशन में रह चुकी हैं। सुनीता ने कहा, वह अपने पालतू कुत्तों लैब्राडोर रिट्रीवर्स से फिर से मिलने का और इंतजार नहीं कर सकतीं।
मस्क के आह्वान पर जताई आपत्ति : भारतवंशी सुनीता विलियम्स ने एक प्रश्न के उत्तर में मस्क के हाल के उस आह्वान पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने 2031 में आईएसएस को कक्षा से बाहर निकालने के नासा के प्रस्तावित ‘डिऑर्बिट’ अभियान की प्रतीक्षा करने के बजाय, दो वर्षों में ही अंतरिक्ष स्टेशन को बंद करने की बात कही थी। भारतवंशी सुनीता ने परिक्रमा करने वाली प्रयोगशाला में किए जा रहे सभी वैज्ञानिक अनुसंधानों का भी उल्लेख किया।
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2023 में आईएसएस पहुंचे थे विलमोर और विलियम्स
विलमोर और विलियम्स जून 2023 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से आईएसएस पहुंचे थे। यह बोइंग का पहला मानवयुक्त मिशन था, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण नासा ने इसे खतरनाक मानते हुए खाली वापस भेज दिया। इसके बाद उनकी वापसी स्पेसएक्स के नए कैप्सूल पर निर्भर हो गई, जिसमें भी देरी हो चुकी। अब नासा ने पुराने स्पेसएक्स कैप्सूल का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।