जापान के मौसम विभाग की तरफ से कोगोशिमा क्षेत्र में बसे लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई थी। मौसम विभाग ने दशकों बाद इस तरह का अलर्ट जारी किया। वहीं, कागोशिमा और पड़ोसी मियाजाकी में 25,680 घरों में बिजली काट दी गई है।
दक्षिण-पश्चिमी जापान में रविवार को महाविनाशकारी तूफान नन्माडोल के कारण लगभग 30 लाख लोगों को दूसरे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। वहीं, हजारों लोगों ने शिविरों में शरण ली है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने इसे दूसरा सबसे शक्तिशाली तूफान करार दिया है। इसकी वजह से दक्षिणी क्यूशू क्षेत्र के कागोशिमा, कुमामोटो और मियाजाकी में खतरा पैदा हो गया है।
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जापान के मौसम विभाग की तरफ से कोगोशिमा क्षेत्र में बसे लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई थी। मौसम विभाग ने दशकों बाद इस तरह का अलर्ट जारी किया। वहीं, कागोशिमा और पड़ोसी मियाजाकी में 25,680 घरों में बिजली काट दी गई है।
इसके साथ ही ट्रेन सेवाएं, उड़ानें और नौका संचालन आदि रोक दिया गया है। कागोशिमा में दस्तक देने के बाद यह तूफान उत्तर की तरफ बढ़ेगा और फिर जापान के मुख्य द्वीप की तरफ जाएगा।
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जापान के मौसम विभाग के मुखिया रयूता कुरोरा ने कहा कि असाधारण तौर पर छोटे-छोटे तूफानों का खतरा है और इसकी वजह से समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और काफी तेज बारिश होगी।
हर साल आते हैं 20 तूफान
जापान में हर साल करीब 20 तूफान आते हैं। साल 2019 में हगीबिस तूफान ने जापान में दस्तक दी थी। उस साल जापान रग्बी विश्व कप का आयोजन कर रहा था। उस तूफान ने 100 लोगों की जान ले ली थी। इसके अलावा 2018 में बाढ़ और भूस्खलन में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से चक्रवातों का खतरा बढ़ गया है।