अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पलोसी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने की नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता की सराहना की। नैंसी पलोसी ने बुधवार को कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने इस चुनौती को उठाकर गांधी के मूल्यों को बरकरार रखा है जो इस ग्रह के लिए एक संभावित खतरा है।
पलोसी राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के बाद अमेरिका की तीसरी सबसे ताकतवर शख्स हैं। अमेरिका में 2018 के अंत में हुए मध्यावधि चुनाव के बाद निचले सदन यानी कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत में आ गई थी। 78 वर्षीय पलोसी ट्रंप के यूएस मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की योजना के खिलाफ हैं।
नैन्सी पलोसी न केवल हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर हैं बल्कि वह अमेरिकी संसद में विपक्ष का नेतृत्व भी कर रही हैं। वह साल 2007 में भी कुछ समय के लिए स्पीकर रही थीं। इसके साथ ही वो साल 2018 के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की रणनीतिकार भी रहीं। पलोसी हमेशा से रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर रहीं हैं। उन पर बेहतर स्पीकर ना होने के आरोप लगते रहे हैं।
नैंसी पलोसी का बचपन पूर्वी अमरीका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टिमोर शहर में बीता। उनके पिता इस शहर के मेयर रहे। सात भाई बहनों में सबसे छोटी पलोसी अपने माता-पिता की अकेली बेटी है।
साल 1976 में अपने परिवार के राजनीतिक संबंधों का लाभ उठाते हुए पलोसी ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने डेमोक्रेट नेता और कैलिफोर्निया के गवर्नर जैरी ब्राउन की चुनाव में मदद की।
साल 1988 में उन्हें पार्टी का उप प्रमुख चुना गया। इस दौरान उन्होंने एड्स बीमारी पर शोध के लिए धन मुहैया कराने को प्राथमिकता दी। साल 2001 में नैन्सी पलोसी को निचले सदन में संसदीय समूह का नेता नियुक्त किया गया।