करीब एक महीने की जद्दोजहद के बाद नेपाली संसद में स्पीकर के नाम पर सहमति बन गई। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने आखिरकार स्पीकर पद के लिए अग्नि सपकोटा के नाम पर अपनी मुहर लगा दी। हालांकि प्रधानमंत्री ओली चाहते थे कि स्पीकर का पद सुभाष नेंबांग को दिया जाए, लेकिन प्रचंड की कोशिशें रंग लाईं और सपकोटा को लेकर रजामंदी बन गई।
दरअसल नेपाल में सत्ता कम्युनिस्ट पार्टियों के गठबंधन की है। ओली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी यूएमएल के अध्यक्ष हैं और प्रचंड नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष हैं। दोनों ही पार्टियों की मिली-जुली सरकार है और दोनों ही अपनी-अपनी पसंद का स्पीकर चाहते थे। आखिरकार प्रचंड ने सपकोटा के लिए ओली को राजी कर लिया।