पाकिस्तान के भ्रष्टाचार निरोधी संस्था ने मंगलवार को विपक्षी नेता और जमीयत उलेमा ए इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के मुखिया फजलुर रहमान को नोटिस भेजते हुए उन्हें जांच दल के सामने अक्तूबर में पेश होने को कहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जो नोटिस रहमान और अन्य को जारी हुए हैं, उसमें उन पर भ्रष्टाचार तथा आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाए गए हैं। यह नोटिस देश के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो द्वारा भेजा गया है।
कुछ दिनों पहले पाकिस्तान में मुख्य विपक्षी पार्टियों ने मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट नाम का एक गठबंधन बनाया था और इस गठबंधन ने प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग की थी। एनएबी के इस एक्शन को इसी परिदृश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
विपक्ष दिसंबर में देशव्यापी आंदोलन करने की सोच रहा है तथा जनवरी 2021 में इस्लामाबाद तक एक निर्णायक लंबा मार्च निकालने की योजना बना रहा। रविवार को जमीयत उलेमा ए इस्लाम के मुखिया रहमान ने अपने योजना को बताया और कहा कि वह अब इमरान सरकार के साथ संसद में आगे तालमेल बिठाकर नहीं चलेंगे। इस बैठक में सरकारी संस्थाओं के राजनीति में बढ़ती घुसपैठ को देश के लिए खतरे के तौर पर बताया गया और कहा गया कि इससे देश की सुरक्षा को खतरा है।