Mystery device on Australian beach
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ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट पर एक रहस्यमय वस्तु बहकर आई है। इसकी पहचान भारतीय रॉकेट के मलबे के रूप में हुई है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रॉकेट का एक हिस्सा बार्नेकल पहली बार जुलाई के मध्य में ऑस्ट्रेलिया के तटीय क्षेत्र सुदूर ज्यूरियन बे के पास देखा गया था।
लोगों ने खींची तस्वीरें
खबर सामने आने के बाद लोगों ने तस्वीरें खिंचना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। मलबा मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाना शुरू कर दिया है। किसी का कहना है कि यह वस्तु सेना की हो सकती है तो किसी ने इसे मलेशियाई एयरलाइंस की उड़ान MH370 के लापता होने से जोड़ा है।
अंतरिक्ष एजेंसी ने किया दावा
हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी का कहना है कि उसने निष्कर्ष निकाला है कि वस्तु संभवतः ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के तीसरे चरण का मलबा है। एजेंसी ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मध्यम-लिफ्ट प्रक्षेपण यान का संचालन करता है। ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी इसकी पुष्टि करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इतनी लंबी है वस्तु
बता दें, ऑस्ट्रेलिया में मिली वस्तु की ऊंचाई लगभग 2 मीटर यानी 6.6 फीट है। इसके ऊपर से केबल लटक रहे हैं। इसे फिलहाल भंडारण में रखा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है कि जब ऑस्ट्रेलिया में अंतरिक्ष कबाड़ मिला हो। अगस्त में, न्यू साउथ वेल्स में एक भेड़ पालक को एलन मस्क के स्पेसएक्स मिशन से संबंधित एक मलबा मिला था।