म्यांमार की सैन्य सरकार ने इंटरनेट पर मुफ्त संचार को रोकने, वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क या वीपीएन तक पहुंच बंद करने के लिए बड़े पैमाने पर काम शुरू कर दिया है। मोबाइल फोन ऑपरेटरों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं, प्रमुख विपक्षी समूह और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सूचना को प्रतिबंधित करने का यह काम मई महीने के आखिरी में ही शुरू हो गया था।
पहले भी कई बार इंटरनेट सेवाओं को रोका जा चुका है
आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को हटाकर फरवरी 2021 में सत्ता संभालने वाली सैन्य सरकार ने इंटरनेट पर ट्रैफिक को कम करने के लिए पहले भी कई कोशिश की है। खासतौर से जब सेना सत्ता पर काबिज हुई थी, उस वक्त उन्होंने इंटरनेट पर काफी प्रतिबंध लगाया।
मोबाइल पर VPN ऐप पाए जाने के बाद 25 लोग गिरफ्तार
सरकारी फंड से चलने वाले रेडियो फ्री एशिया ने बताया कि म्यांमार के मध्य तटीय अय्यारवाडी क्षेत्र में लगभग 25 लोगों इस सप्ताह सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार करके जुर्माना लगाया गया है। इन सभी लोगों के मोबाइल फोन पर वीपीएन ऐप पाया गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की।
लोकतंत्र का समर्थन करने वालों पर काबू पाने के लिए बंद कर दिया संचार
सेना को देश भर में लोकतंत्र समर्थकों से कड़ी सशस्त्र चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। सैन्य सरकार का यह कदम सामरिक उद्देश्यों की पूर्ति तो कर सकता है, लेकिन इसने मानवाधिकारों के हनन के सबूतों को सार्वजनिक करना भी कठिन बना दिया है।