म्यांमार में लोकतांत्रिक सरकार का तख्ता पलट करने के बाद बनी सैन्य सरकार उसके खिलाफ शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे देश के लोगों का लगातार दमन कर रही है। सैन्य सरकार की हिंसक कार्रवाई में इस हफ्ते 50 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत की ओर से कार्रवाई की मांग के बीच म्यांमार की सेना ने तख्तापलट का विरोध कर रहे लोकतांत्रिक प्रदर्शनकारियों पर शनिवार को भी बर्बरता की। संयुक्त राष्ट्र की विशेष राजदूत ने सुरक्षा परिषद से सैन्य हिंसा पर अंकुश लगाने की मांग की है। इस बीच, शनिवार को यंगून में तख्तापलट का विरोध करने वालों पर हथगोलों और आंसूगैस का इस्तेमाल किया गया।
यंगून के अलावा उत्तरी राज्य कचिन की राजधानी मिटकिना, दक्षिण स्थित मायेक और दक्षिण-पूर्व में दावेई में भी विरोध प्रदर्शन हुए जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर आंसूगैस के गोले छोड़े। देश में लोकतंत्र समर्थक सैन्य हिंसा के बावजूद सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि आंग सान सू की समेत देश के हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाए और देश में लोकतंत्र की बहाली की जाए। संयुक्त राष्ट्र की विशेष राजदूत क्रिस्टीन श्रानेर ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि म्यांमार में तत्काल कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है। परिषद की बैठक में उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में म्यांमार की सेना ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है।
म्यांमार के प्रमुख शहर यांगून में शनिवार को ताजा विरोध प्रदर्शन हुआ जहां प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए हथगोलों और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। बुधवार को यहां 18 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। उत्तरी राज्य कचिन की राजधानी मिटकिना, दक्षिण में स्थित मायेक और दक्षिण पूर्व में दावेई में भी विरोध प्रदर्शन हुए जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों तथा छात्रों पर आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा म्यांमार के अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए।
भारत भागे पुलिसकर्मियों को लौटाएं
म्यांमार में तख्तापलट का विद्रोह कर रहे लोगों पर जारी सेना की हिंसा के बीच फौज केआदेश की नाफरमानी कर भारत भाग कर आए पुलिसकर्मियों को सैन्य शासन ने लौटाने को कहा है। ये सभी पुलिकर्मी भारत से शरण देने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार करीब 30 पुलिकर्मी अपने परिवार केसाथ सीमा पार कर भारत में आए हैं।
फरवरी में किया सू की सरकार का तख्तापलट
देश की सेना ने आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को एक फरवरी को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस तख्तापलट के खिलाफ देशभर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। म्यांमार में बढ़ती हिंसा को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजदूत ने सैन्य सरकार की हिंसक कार्रवाई को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद से कदम उठाने का आग्रह किया था।