म्यांमार की ‘नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट’ (एनयूजी) ने सैनिक शासन के खिलाफ अपने विरोध अभियान में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। एनयूजी का गठन सैनिक शासन विरोधी समूहों ने किया है। इन समूहों का दावा है कि उनकी सरकार ही म्यांमार की वैध सरकार है। म्यांमार ने पिछले साल एक फरवरी को सेना ने तख्ता पलट कर सत्ता पर कब्जा जमा लिया था।
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक एनयूजी ने म्यांमार में वितरण के लिए क्रिप्टोकरेंसी- टिथर को मान्यता दी है। टिथर को हांगकांग की एक कंपनी ने जारी किया है। यह भी एक ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी आधारित क्रिप्टोकरेंसी है, जिसका मूल्य अमेरिकी डॉलर से जुड़ा हुआ है।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि पिछले साल एक अज्ञात समूह ने म्यांमार डॉलर (एमवाईडी) नाम का एक प्रोजेक्ट चलाया था। उसका मकसद बिना सरकारी मुद्रा का इस्तेमाल किए सभी नागरिकों को अपनी जायदाद के प्रबंधन की सुविधा देना था। उस ग्रुप ने बताया था कि अपनी योजना के मुताबिक वह एमवाईडी नाम की मुद्रा जारी करेगा, जिसके 55 फीसदी हिस्से को जनता के बीच बांट दिया जाएगा, जबकि 45 फीसदी हिस्सा एनयूजी को दिया जाएगा।
जानकारों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया था, लेकिन दिसंबर में इसमें अचानक ठहराव आ गया। तब उसकी वेबसाइट बंद हो गई। यंगून स्थित एक टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ का कहना है कि वह प्रोजेक्ट इसलिए फेल हो गया, क्योंकि उसका बाजार नहीं बन पाया। उधर बहुत से नागरिक जो इस प्रोजेक्ट के समर्थक थे, उन तक एमवाईडी को नहीं पहुंचाया जा सका।
विश्लेषकों के मुताबिक टिथर के साथ लाभ यह है कि ये क्रिप्टोकरेंसी पहले से इस्तेमाल में है। दुनिया भर में इसके जरिए लेन-देन हो रहा है। म्यांमार में इसके इस्तेमाल को कानूनी मान्यता नहीं है। लेकिन अगर नागरिक निजी दायरे में इसके जरिए लेन-देन शुरू कर देते हैं, तो सैनिक शासन उस स्थिति में नहीं है कि वह इसे रोक पाए।