दुनिया में फैल रहे आर्थिक संकट का असर अब म्यांमार में भी देखने को मिल रहा है। म्यांमार के सैनिक शासन ने आयात घटाने के कदमों को और सख्त करने की घोषणा की है। कार और दूसरी गैर जरूरी चीजों के आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ऐसा विदेशी मुद्रा बचाने के लिए किया गया है। म्यांमार विदेशी मुद्रा के संकट से जूझ रहा है, ऐसी खबरें पहले से आ रही थीं। सरकार के ताजा कदम से इस बात की पुष्टि हो गई है।
समझा जाता है कि म्यांमार सरकार ने पिछले साल अक्तूबर के बाद ही लग्जरी कारों के आयात को सीमित कर दिया है। तब से इसके लिए परमिट पाना मुश्किल बना रहा है। परिवहन मंत्रालय ने अब पुष्टि कर दी है कि लग्जरी कारों को देश में लाने के लिए परमिट नहीं दिया जाएगा। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ये रोक अस्थायी है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक म्यांमार के सैनिक शासन के इस निर्णय से लग्जरी कार विक्रेता विदशी कंपनियों को झटका लगा है। म्यांमार के बाजार पर निगाह रखते हुए ऐसी कई कंपनियों ने वहां कारोबार शुरू किया था। अब उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। जापानी कारों के एक विक्रेता ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘हमने सुना था कि अधिकारी आयात की इजाजत जल्द ही दे देंगे। लेकिन हमें ऐसा होने का कोई संकेत नजर नहीं आता।’
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि म्यांमार सरकार निर्यात बढ़ाने के उपाय ढूंढने में नाकाम रही है। ऐसे में व्यापार घाटा पाटने के लिए आयात रोकना ही उसके पास अकेला रास्ता रह गया है। म्यांमार में एक फरवरी 2021 को सेना ने नागरिक सरकार का तख्ता पलट दिया था। उस समय देश में 3,931 वस्तुओं के आयात के लिए लाइसेंस प्राप्ति की जरूरत होती थी। इस साल मई में ऐसी वस्तुओं की संख्या बढ़ कर 9,099 हो गई। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर परिधान तक शामिल हैं।