सेना द्वारा तख्तापलट के दो दिन बाद म्यांमार पुलिस ने बेदखल हुईं लोकतंत्र समर्थक नेता आन सान सू की पर बुधवार को पहली बार औपचारिक आरोप मढ़े। इसके आधार पर उन्हें कम से कम 15 फरवरी तक बंदी बनाकर रखा जाएगा। इन आरोपों में सू की के पास विदेशी किंतु अवैध वॉकी-टॉकी बरामद होना शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह बरामदगी उन्हें बंदी बनाए रखने के लिए प्रायोजित नजर आ रही है।
सू की पर अवैध रूप से संचार उपकरण आयात करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि रेडियो को ना केवल अवैध रूप से आयात किया गया था बल्कि इसके इस्तेमाल के लिए अनुमति भी नहीं ली गई थी। पुलिस ने आपदा प्रबंधन कानून के तहत अपदस्थ राष्ट्रपति विन म्यिंट के खिलाफ भी आरोप दायर किए हैं। इससे पहले नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने आरोप लगाया है कि देशभर में स्थित उसके ऑफिसों पर छापा मारा जा रहा है।
कार के हार्न और बर्तन बजाकर किया तख्तापलट का विरोध
दक्षिण-पूर्व एशिया में कोरोना से मरने वालों की यह सर्वाधिक संख्या है। लोगों ने कार के हार्न और बर्तन बजाकर भी तख्तापलट का विरोध किया। तख्तापलट का विरोध कर रहे समूह ने अपने एक बयान में कहा है कि सेना ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान कठिनाइयों का सामना कर रही एक कमजोर आबादी के ऊपर अपने हितों को थोपा है। कोरोना वायरस से म्यांमार में अबतक 3,100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। समूह ने बयान में कहा, 'हम नाजायज सैन्य शासन के किसी भी आदेश को मानने से इनकार करते हैं। इससे पता चलता है कि सेना का हमारे गरीब मरीजों के प्रति कोई सम्मान नहीं है।'
बता दें कि सेना ने सोमवार को सत्ता पर कब्जा कर लिया था। देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट सहित कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। साथ ही सत्ता पर पकड़ मजबूत करने के लिए देश में एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया गया है। बीते वर्ष नवंबर में म्यांमार में हुए आम चुनाव में आंग सान की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की थी। सेना ने धांधली के आरोप लगाकर नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था।