पूर्वी म्यांमार के एक गांव में मॉनसून की बारिश के कारण हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। तेजी से बढ़ते पानी में अब भी हजारों लोग फंसे हुए हैं। बचाव व राहत कार्य के लिए सैकड़ों की संख्या में सेना के जवान और राहतकर्मियों को तैनात किया गया है।
यह घटना शुक्रवार को म्यांमार के मोन प्रांत में हुई, जहां 16 मकान और एक मठ बह गया। घायलों की संख्या भविष्य में बढ़ सकती है। म्यांमार के अग्निशमन सेवा विभाग ने फेसबुक पर लिख कर बताया कि सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर तीन और शव मिले। जिसके बाद इस घटना में मरने वालों की संख्या 51 हो गयी है।
मोन, कारेन और काचिन प्रांतों के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। भारी बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ है। लोग बचने के लिए नौका का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गये हैं।
म्यांमार सेना के ब्रिगेडियर जनरल जॉ मिन टून ने कहा कि हमारी क्षेत्रीय सैन्य कमान आपदा क्षेत्रों में तलाश एवं बचाव कार्यों में मदद पहुंचाने में जुटी है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सबसे अधिक प्रभावित मोन प्रांत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।