म्यांमार की सेना द्वारा किए गए एक हवाई हमले में विद्रोही सशस्त्र संगठन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे 34 मरीजों और चिकित्सा कर्मियों की मौत हो गई। यह जानकारी एक स्थानीय रेस्क्यू वर्कर और स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों की ओर से जारी की गई है।
पश्चिमी राज्य रखाइन के जातीय अराकान आर्मी के नियंत्रण वाले क्षेत्र म्राउक-यू कस्बे में बुधवार रात को जनरल अस्पताल पर हुए हमले में लगभग 80 अन्य लोग घायल हो गए। म्यांमार की सत्ता पर 2021 में कब्जा करने वाली और तब से जातीय मिलिशिया एवं सशस्त्र विद्रोही बलों से लड़ रही सेना ने इस क्षेत्र में किसी भी हमले का जिक्र नहीं किया है।
रखाइन में बचाव सेवाओं के एक वरिष्ठ अधिकारी वाई हुन आंग ने बताया कि एक जेट लड़ाकू विमान ने रात 9.13 बजे दो बम गिराए, जिनमें से एक अस्पताल के ‘रिकवरी वार्ड’ में गिरा और दूसरा अस्पताल की मुख्य इमारत के पास गिरा।
उन्होंने बताया कि वह सहायता प्रदान करने के लिए बृहस्पतिवार तड़के अस्पताल पहुंचे और वहां 17 महिलाओं और 17 पुरुषों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बमों से अस्पताल की इमारत का अधिकतर हिस्सा नष्ट हो गया और अस्पताल के पास खड़ी टैक्सियां एवं मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
रखाइन स्थित ऑनलाइन मीडिया ने क्षतिग्रस्त इमारतों की तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं जिसमें आस-पास बिखरे मलबे, चिकित्सा उपकरण नजर आ रहे हैं।वाई हुन आंग ने कहा कि यह अस्पताल रखाइन के लोगों के लिए स्वास्थ्य देखभाल का मुख्य स्रोत रहा है, जहां म्यांमा के गृहयुद्ध के कारण अधिकतर अस्पताल बंद हो गए हैं। म्यांमार की समानांतर नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट ने इस हवाई हमले की निंदा की है। 2021 में पद ग्रहण से रोके गए निर्वाचित सांसदों ने इस समानांतर सरकार का गठन किया है।