दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेस एक्स ने अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ में लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ से पहले गोपनीय दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं।
2002 में स्थापित स्पेसएक्स का लक्ष्य मानवता को बहुग्रह बनाना है। कंपनी ने रॉकेट और लॉन्च व्हीकल के दोबारा उपयोग की तकनीक विकसित कर अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत को नाटकीय रूप से कम किया है, जो 2000 के दशक की शुरुआत की तुलना में महज 5% तक रह गई है। कंपनी अब तक करीब 600 सफल रॉकेट लैंडिंग कर चुकी है, जिससे वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा को नया आयाम मिला है।
हालांकि, स्पेसएक्स की कमाई का बड़ा हिस्सा उसके सैटेलाइट इंटरनेट बिजनेस स्टारलिंक से आता है, जो दुनिया भर में एक करोड़ से अधिक यूजर्स को सेवा दे रहा है।
फरवरी 2026 में स्पेसएक्स ने xAI के साथ विलय किया, जो ग्रोक का डेवलपर है। यह अब तक का सबसे बड़ा निजी कॉरपोरेट विलय माना जा रहा है। इस सौदे में xAI का मूल्य 250 अरब डॉलर और स्पेसएक्स का एक ट्रिलियन डॉलर आंका गया, जिससे संयुक्त इकाई का मूल्य 1.25 ट्रिलियन डॉलर हो गया। इस विलय ने स्पेसएक्स के आईपीओ की जमीन तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
मस्क के मुताबिक, आईपीओ से जुटाई गई रकम का उपयोग अंतरिक्ष में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर सैटेलाइट स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इन सैटेलाइट्स को सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना है, जिससे पृथ्वी पर बिजली और पानी जैसी सीमाओं से बचा जा सके।
स्पेसएक्स की संभावित लिस्टिंग को देखते हुए NASDAQ ने अपने कुछ नियमों में बदलाव किया है। आमतौर पर किसी कंपनी को इंडेक्स में शामिल होने के लिए कम से कम 10% शेयर बाजार में उपलब्ध होना जरूरी होता है, लेकिन स्पेसएक्स के मामले में इस शर्त में ढील दी गई है।
हालांकि, स्पेसएक्स की ऊंची वैल्यूएशन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कंपनी का पिछले साल का राजस्व करीब 15 अरब डॉलर रहा, जबकि दो ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के हिसाब से यह बहुत अधिक मूल्यांकन माना जा रहा है। तुलना करें तो टेस्ला जैसी महंगी कंपनी के मुकाबले भी स्पेसएक्स का वैल्यूएशन कई गुना ज्यादा आंका जा रहा है।
स्पेसएक्स ने संकेत दिया है कि वह अपने शेयरों का करीब 30% हिस्सा रिटेल निवेशकों को भी उपलब्ध कराना चाहती है। मस्क की कंपनियां पहले से ही आम निवेशकों के बीच लोकप्रिय रही हैं, ऐसे में इस आईपीओ को लेकर भी भारी उत्साह की संभावना है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंची वैल्यूएशन और नियमों में ढील के बीच निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। बड़े निवेशकों और कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और जोखिम भी ज्यादा हो सकता है।