वह उसी लड़की से मिलने पाकिस्तान पहुंचे थे, जिससे उनकी ऑनलाइन दोस्ती हुई थी। अवैध रूप से घुसने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया और पाकिस्तानी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया। उनपर फर्जी पाकिस्तानी आईडी कार्ड रखने का भी आरोप लगा और 15 दिसंबर, 2015 को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता जतिन देसाई ने एक न्यूज वेबसाइट से कहा कि हामिद पाकिस्तान जाने के लिए अड़े थे। उन्होंने कई बार वीजा के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल सका। कोहाट की एक लड़की से उनकी दोस्ती हुई थी। वीजा न मिलने के बाद उन्होंने कोहाट के स्थानीय लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। जतिन पाकिस्तान और भारत के बीच कैदियों के लिए काम करते हैं।