मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता एवं आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर से पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक विभाग के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पाकिस्तान के एक अधिकारी के अनुसार यह पूछताछ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हो रही है।
शनिवार को गिरफ्तार किया था
संयुक्त राष्ट्र से आतंकवादी घोषित लखवी वर्ष 2015 से ही मुंबई हमले के मामले में जमानत पर था और पंजाब सूबे के आतंकवाद निरोधक विभाग ने उसे आतंकवाद का वित्तपोषण करने के आरोप में बीते शनिवार को गिरफ्तार किया था। देश में खुलेआम घूम रहे आतंकवादियों पर शिकंजा कसने के लिए इस्लामाबाद पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव में यह कदम उठाया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब के सीटीडी अधिकारी आतंकवाद वित्तपोषण और इससे संबंधित मामलों में लखवी से पूछताछ कर रहे हैं। उसे जल्द ही लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लखवी को एक हिरासत केंद्र में रखा गया है। सीटीडी ने कहा कि लखवी पर एक दवाखाना चलाने के लिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में करने का आरोप है। उसने और अन्य ने इस दवाखाने से धन एकत्रित किया और इस धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में किया। उसने इस धन का इस्तेमाल निजी खर्च में भी किया।
चार दिन बाद भी कोर्ट में पेश नहीं किया
आमतौर पर पुलिस या अन्य जांच एजेंसी किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी के एक दिन बाद अदालत के समक्ष पेश करती है और उसकी रिमांड का अनुरोध करती है। अधिकारी ने कहा, ‘लखवी का मामला जटिल है, ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी रिमांड का अनुरोध करने के लिए अदालत के समक्ष पेश नहीं किया जा सका।'
सीटीडी ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के अलावा वह संयुक्त राष्ट्र की तरफ से घोषित आतंकवादियों की सूची में भी शामिल है। उसके खिलाफ मुकदमा लाहौर में आतंकवाद निरोधक अदालत में चलेगा।
लश्कर और अलकायदा से जुड़ा होने और आतंकवाद के लिए वित्त पोषण, योजना, सहायता मुहैया कराने या षड्यंत्र रचने की खातिर लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। प्रतिबंधित आतंकवादियों और समूहों की संपत्ति जब्त करने, यात्रा पर प्रतिबंध लगाने जैसी पाबंदियों के प्रावधान हैं।
बता दें, जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के नेतृत्व में लश्कर-ए-तैयबा ने 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था जिसमें छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की मौत हो गई थी।