हैरी और मेगन के बेटा-बेटी बने प्रिंस आर्ची व प्रिंसेस लिलिबेट
ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल के बेटे आर्ची माउंटबेटन-विंडसर तकनीकी रूप से अब एक राजकुमार हैं। ‘द गार्जियन’ अखबार के अनुसार उनकी छोटी बहन, लिलिबेट ‘लिली’ माउंटबेटन-विंडसर भी एलिजाबेथ की मृत्यु व अपने दादा चार्ल्स, प्रिंस ऑफ वेल्स के सिंहासन पर बैठने के बाद राजकुमारी बनने की हकदार हैं।
- ड्यूक एंड डचेस ऑफ ससेक्स हैरी और मेगन मर्केल को उनके राजशाही दर्जे में कोई बदलाव नहीं दिखेगा। मेगन ने पिछले साल मार्च में अमेरिकी प्रसारक ‘ओपरा विनफ्रे’ के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि आर्ची को पुलिस सुरक्षा नहीं मिलेगी क्योंकि उसके पास कोई पदवी नहीं है। उन्होंने संकेत दिया था कि प्रिंस चार्ल्स के सिंहासन ग्रहण करने के बाद आर्ची को राजकुमार की पदवी दी जाएगी।
महारानी चट्टान की तरह आधुनिक ब्रिटेन की नींव
ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने महारानी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी तुलना ऐसी चट्टान से की जिस पर आधुनिक ब्रिटेन की नींव रखी है। ट्रस को महारानी ने दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया था। ट्रस ने कहा, वे ब्रिटेन की ताकत थीं और यह ताकत हमेशा बनी रहेगी।
पुतिन-जेलेंस्की ने जताया दुख
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चार्ल्स तृतीय को भेजे संदेश में कहा, महारानी ने प्यार और सम्मान से विश्व मंच को सुशोभित किया।
- यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी रानी को श्रद्धांजलि दी। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने भी निधन पर दुख जताया।
अंतिम संस्कार के 7 दिन बाद तक शाही परिवार में शोक
ब्रिटेन के शाही महल बकिंघम पैलेस ने घोषणा की कि शाही परिवार महारानी के अंतिम संस्कार के सात दिन बाद तक शोक मनाएगा। पैलेस ने कहा, राजा की इच्छा है कि शाही शोक की अवधि अंतिम संस्कार के सात दिन बाद तक रहे। दो सप्ताह में वेस्टमिंस्टर एबे में महारानी का राजकीय तरीके से अंतिम संस्कार होने की संभावना है।
चूंकि स्कॉटलैंड में महारानी का निधन हुआ, इसलिए उनका ताबूत एडिनबर्ग में सेंट जाइल्स कैथेड्रल में रखा जाएगा। जनता को कुछ दिनों के बाद अंतिम दर्शन की अनुमति दी जा सकती है। इसके बाद पार्थिव देह को लंदन ले जाया जाएगा, जहां लोगों को वेस्टमिंस्टर हॉल में चार दिनों की अवधि में श्रद्धांजलि की इजाजत होगी।
- n महारानी के पार्थिव शरीर को ताबूत में वेस्टमिंस्टर ऐबे में लाया जाएगा। इस ताबूत को 'रॉयल स्टैंडर्ड' यानी शाही निशान वाले ध्वज में लपेटा जाएगा। वेस्टमिंस्टर हॉल पहुंचने के बाद ताबूत पर कोहिनूर से जड़ा शाही ताज रखा जाएगा। राजशाही का प्रतीक ऑर्ब और स्कैप्टर भी रखे जाएंगे।
- n फ्लैग, नोट, सिक्के में महारानी की तस्वीरें होती थी। अबनए सम्राट चार्ल्स की फोटो लगाए जाने की उम्मीद है। राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द क्वीन’ अब ‘गॉड सेव द किंग’ हो गया है। चार्ल्स के पैलेस पहुंचने पर वहां लोगों ने गॉड सेव द किंग गाकर ही उनकी अगवानी की।
राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं-ब्रिटेन में एक युग का अंत
एलिजाबेथ के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ब्रिटेन में एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने कहा, महारानी ने अपने देश को 7 दशकों तक चलाया। मैं ब्रिटेन के लोगों के दुख को साझा करती हूं और परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने संदेश के साथ महारानी से अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा की।
करुणा के लिए याद किया जाएगा
उनके परिवार और यूके के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने अपने राष्ट्र को समकालीन समय में निर्देशित किया। उन्हें उनकी गर्मजोशी व करुणा के लिए याद किया जाएगा। -एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
लोगों के लिए प्रेरणा
बचपन में तिब्बत में रहते हुए पत्रिकाओं में उनके राज्याभिषेक की तस्वीरें याद है। वे आज कई लोगों के प्रेरणा का स्रोत हैं। महारानी को लंबे समय तक बेहतर शासक के रूप में याद रखा जाएगा। -दलाई लामा, सर्वोच्च तिब्बती धर्मगुरु
रुंधे गले से चार्ल्स ने कहा- देश के लिए समर्पित थीं महारानी
ब्रिटेन के नवनियुक्त राजा किंग चार्ल्स तृतीय ने अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, उन्होंने देश और समूचे राष्ट्रमंडल को समर्पित सार्थक जीवन जिया। किंग चार्ल्स ने शुक्रवार शाम को ब्रिटेन के सम्राट के रूप में राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में अपनी मां को रुंधे गले से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने युवराज विलियम को अपना उत्तराधिकारी और प्रिंस ऑफ वेल्स घोषित किया।
चार्ल्स को बृहृस्पतिवार को महारानी के निधन के बाद राजा बनाया गया। उन्होंने अपनी माता को प्यार, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया और उनकी मौत पर गहरा दु:ख प्रकट किया। चार्ल्स ने अपने संबोधन में यूनाइटेड किंगडम, उसके सहयोगियों और राष्ट्रमंडल देशों की सेवा करने की बात कही। उन्होंने कहा, मैं अपनी मां की सेवापूर्ण जीवन का सम्मान करता हूं।
उनकी मृत्यु से बहुत लोगों को दुख हुआ है और मैं आप सभी के साथ इस दुख की को साझा करता हूं। चार्ल्स ने संबोधन में अपने बेटे और उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम (ड्यूक ऑफ कॉर्नवाल) को भी जगह दी। इस दौराना शाही महल बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय की पत्नी रानी कैमिला भी मौजूद रहीं।
निधन से पहले तैयार थी अंतिम संस्कार की योजना
- महारानी के निधन के दिन के लिए योजना बहुत पहले से ही तैयार कर ली गई थी। पिछले साल लीक हुए कुछ दस्तावजों में अंतिम संस्कार की तैयारियों की गोपनीय योजना का खुलासा किया गया था। खास बात है कि पिछले साल सितंबर में ही महारानी के निधन होने की स्थिति में उन्हें विदाई देने की राजकीय प्रक्रिया का रिहर्सल भी किया गया था।