भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच अब पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग की जा रही है। पाकिस्तान की संसद में इमरान को पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव आया है। इस प्रस्ताव को सूचना मंत्री फवाद चौधरी लेकर आए हैं।
उन्होंने इसके पीछे भारत-पाक के बीच तनाव कम कर शांति की पहल का हवाला दिया है। अपने इस प्रस्ताव में सूचना प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि इमरान खान ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।
प्रस्ताव के मुताबिक खान ने तनाव की मौजूदा स्थिति में जिम्मेदाराना बर्ताव किया और वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। प्रस्ताव पर सोमवार को विचार किए जाने की उम्मीद है जब सदन का सत्र होगा। इसे पारित करने की भी उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि सदन में सरकार के पास बहुमत है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्य विपक्षी पार्टी इस कदम का समर्थन करती है या नहीं।
भारत को सौंपने से पहले पाक ने अभिनंदन का बयान रिकॉर्ड कराया
अटारी बॉर्डर पर भारत को सौंपने से पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का कैमरे के सामने बयान रिकॉर्ड कराया। पाकिस्तान सरकार ने स्थानीय समयानुसार 8.30 बजे इस वीडियो को लोकल मीडिया में जारी किया। हालांकि, यह अभी साफ नहीं हो सका है कि कैमरे के सामने बयान रिकॉर्ड कराने के लिए भारतीय पायलट पर दबाव डाला गया था या नहीं। मीडिया में जारी इस वीडियो में दो दर्जन से ज्यादा कट लगाए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि बयान रिकॉर्ड कराने की वजह से ही अभिनंदन को अटारी बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंपने में देरी हुई। इस वीडियो संदेश में अभिनंदन ने भारतीय मीडिया की आलोचना करते हुए कहा, ‘लक्ष्य का पीछा करते हुए मैं पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंच गया।
इसके बाद मेरे विमान को पाकिस्तानी सेना ने मार गिराया। पैराशूट से जमीन पर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों ने मेरे ऊपर हमला कर दिया। फिर पाकिस्तानी सेना के जवानों ने भीड़ से मेरी जान बचाई और मुझे अपनी यूनिट में ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद मुझे अस्पताल ले जाया गया। पाकिस्तानी सेना बहुत प्रोफेशनल है और इसने मुझे प्रभावित किया।’