इस्राइल और हमास के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। इस बीच इस्राइल की खूफिया एजेंसी के प्रमुख ने कमस खाई कि वह हमले में शामिल हमास के एक-एक सदस्य से हिसाब बराबर करेंगे। बता दें, एक दिन पहले ही लेबनान में एक ड्रोन हमले में हमास के उप प्रमुख सालेह अल-अरौरी की मौत हो गई थी। इससे पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री भी कई बार हमास को पूरी तरीके से बर्बाद करने की कसम खा चुके हैं।
इस्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने बुधवार को कहा कि इस्राइल पर हमला करने वाले हमास के प्रत्येक सदस्य से हिसाब बराबर किया जाएगा। मैं इसकी कसम खाता हूं। बता दें, लेबनान में हुए ड्रोन हमले की इस्राइल ने जिम्मेदारी ली है। ड्रोन हमले के बाद से 24 घंटे के अंदर हिजबुल्लाह ने नौ बार सीमा पार से इस्राइली सेना पर हमला किया।
व्हाइट हाउस ने कहा- यह इस्राइल का अधिकार
इस्राइली हमले पर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी का कहना है कि इस्राइल का अधिकार है कि वह हमास नेतृत्व का पीछा करे। इस्राइल में उत्पन्न खतरे का असल कारण हमास है। इसलिए यह इस्राइल का अधिकार और इस्राइल की जिम्मेदारी है कि वह खतरे को खत्म करे। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका उम्मीद करता है कि इस्राइल अतंरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करेगा। वहीं, कनाडाई कानून के प्रोफेसर माइकल लिंक का कहना है कि ऐसी हत्याएं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर सकती हैं।
नेतन्याहू ने जान से मारने की दी थी धमकी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास की सैन्य शाखा के संस्थापकों में से एक सालेह अल-अरौरी ने वेस्ट बैंक में संगठन का नेतृत्व किया था। युद्ध शुरू होने से पहले ही इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। हिजबुल्लाह के नेता सैय्यद हसन नसरल्लाह ने कसम खाई है कि लेबनान में फलस्तीनी अधिकारियों को निशाना बनाने वाले इस्राइली हमले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमास के अधिकारी बासेम नईम ने हमले के बाद अरौरी के मौत की पुष्टि की थी।