बीते सितंबर में लेबनान में हिजबुल्ला के लड़ाकों के खिलाफ वॉकी-टॉकी और पेजर्स हमले हुए। इन हमलों में हिजबुल्ला के 39 लड़ाके मारे गए। इन हमलों का आरोप इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर लगा। ये हमले इतने खतरनाक थे कि हिजबुल्ला इसके झटके से उबर ही नहीं पाया और अब स्थिति ये है कि इस्राइल ने इस संगठन के पूरे नेतृत्व का सफाया कर दिया। अब मोसाद के पूर्व एजेंट्स ने ही खुलासा किया है कि उन्होंने इस हमले की रणनीति कैसे बनाई और इस हमले का उद्देश्य क्या था।
मोसाद के पूर्व एजेंट ने किया हमले को लेकर खुलासा
अमेरिकी मीडिया से बातचीत में मोसाद के पूर्व वरिष्ठ एजेंट और लेबनान में वॉकी-टॉकी हमलों की रणनीति में शामिल रहे एक एजेंट ने बताया कि मोसाद ने करीब एक दशक पहले इस हमले की योजना बनाई थी और सितंबर में जब पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी मंजूरी दी तो इसे हमले को अंजाम दिया गया। एजेंट ने बताया कि 'वॉकी-टॉकी एक हथियार था, जो बिल्कुल गोली या मिसाइल या मोर्टार की तरह मारक रहा।' उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि हिजबुल्ला के लोग असुरक्षित महसूस करें, और अब वे असुरक्षित ही हैं।'
मोसाद के पूर्व एजेंट ने बताया कि अब मोसाद पेजर से भी आगे बढ़ चुकी है और हम चाहते हैं कि हिजबुल्ला के लोग ये अनुमान ही लगाते रहें कि आगे क्या हो सकता है। पिछले साल 7 अक्तूबर को हमास ने इस्राइल की सीमा में घुसकर हमला किया था, जिसके बाद इस्राइल और हमास का युद्ध छिड़ गया। हिजबुल्ला ने हमास की मदद की तो इस्राइल ने हिजबुल्ला के खिलाफ भी लड़ाई छेड़ दी। लेबनान में अब तक इस्राइली हमलों में चार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही हिजबुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्लाह समेत कई वरिष्ठ सदस्य मारे जा चुके हैं। साथ ही लेबनान में हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायली शहरों पर हमला करने के बाद गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल और हिजबुल्ला लेबनानी सीमा पर एक घातक लड़ाई में लगे हुए हैं। इस लड़ाई के परिणामस्वरूप 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जिसमें समूह के प्रमुख हसन नसरल्लाह जैसे वरिष्ठ हिजबुल्ला सदस्य शामिल हैं, और सीमा के दोनों ओर हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
मोसाद ने ऐसे रची थी पूरी साजिश
हमले के बारे में मोसाद के पूर्व एजेंट ने बताया कि वॉकी-टॉकी में लगी बैटरी इस्राइल में ही मोसाद द्वारा बनाई गईं थी। इन्हीं बैटरियों में विस्फोटक रखा गया था। हिजबुल्ला ने 16,000 से अधिक पेजर और वॉकी-टॉकी खरीदे, जिनमें से कुछ का इस्तेमाल सितंबर में उनके खिलाफ किया गया। पूर्व मोसाद एजेंट ने यह भी खुलासा किया कि 'कीमत बहुत कम नहीं रखी गई थी क्योंकि हम नहीं चाहते थे कि हिजबुल्ला के सदस्यों को जरा भी शक हो।' उन्होंने यह भी बताया कि मोसाद ने आपूर्ति श्रृंखला में घुसपैठ करने के लिए शेल कंपनियां स्थापित की।' मोसाद एजेंट ने कहा, 'हमने एक काल्पनिक दुनिया बनाई। जिसकी पटकथा हमने लिखी, हम ही उसके निर्देशक थे, हम ही निर्माता और हम ही मुख्य अभिनेता। दुनिया हमारा मंच है।'
आपूर्ति श्रृंख्ला में की घुसपैठ
एक अन्य मोसाद एजेंट ने बताया कि हम ऐसे उपकरण लगाना चाहते थे जो हिजबुल्ला के सदस्य हर समय अपने पास रखें। इसलिए हमने छोटे पेजर बनाने पर काम शुरू किया। मोसाद को पता चला था कि हिजबुल्ला के सदस्य ताइवान स्थित गोल्ड अपोलो से पेजर खरीद रहे थे। मोसाद ने गोल्ड अपोलो को अपने साथ काम करने के लिए धोखा देने के लिए हंगरी में एक शेल कंपनी बनाईं। मोसाद ने पेजर का पूर्ण निर्माण किया और गोल्ड अपोलो के साथ लाइसेंसिंग साझेदारी की, इसलिए हिजबुल्ला को सब कुछ वैध लगा।
गोल्ड अपोलो पेजर चिकने और चमकदार थे और जेब में फिट हो सकते थे। उन्होंने कहा कि मोसाद को विस्फोटकों को अंदर फिट करने के लिए एक बड़े पेजर की जरूरत थी। ऐसे में मोसाद ने बैटरी में विस्फोटक रखकर परीक्षण शुरू किए ताकि पता लगाया जा सके कि इससे कितना नुकसान हो सकता है। मोसाद एजेंट ने बताया कि हम नहीं चाहते थे कि विस्फोट से हिजबुल्ला लड़ाके के आसपास खड़े लोगों को भी चोट पहुंचे। हम सिर्फ हिजबुल्ला लड़ाकों को ही नुकसान पहुंचाना चाहते थे।
गोल्ड अपोलो के ही सेल्सपर्सन को हिजबुल्ला से बातचीत के लिए काम पर रखा
मोसाद ने गोल्ड अपोलो के ही सेल्सपर्सन को भी काम पर रखा, जिसके साथ हिजबुल्ला काम करता था। इससे हिजुबल्ला का नेतृत्व पूरी तरह से इस बात से अनजान था कि वह इस्राइली जासूसी एजेंसी के साथ काम कर रहे थे। मोसाद एजेंट ने ये भी बताया कि 'उनका उद्देश्य हिजबुल्ला के लड़ाकों को मारना नहीं था।' मोसाद के एजेंट्स ने बताया कि 'हम चाहते थे कि हमलों में हिजबुल्ला के लड़ाके घायल हों और फिर उन्हें अस्पताल ले जाया जाए। ऐसे में उनकी देखभाल में हिजबुल्ला को काफी संसाधन और पैसे खर्च करने पड़ते। अब बिना हाथ और आंखों वाले ये लोग लेबनान में घूम रहे हैं, जो इस बात का जीता जागता सबूत हैं कि हमसे पंगा मत लो।'