मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिले जयशंकर
- फोटो : ANI
मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिले जयशंकर
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भारत और रूस का व्यापार पर विशेष जोर
जयशंकर और लावरोव की बातचीत में सबसे खास जोर व्यापार पर रहा। भारत-रूस व्यापार पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है, लेकिन अभी भी इसमें असंतुलन है। भारत रूस से तेल, कोयला और रक्षा उपकरण ज्यादा आयात करता है, लेकिन अपने उत्पादों का निर्यात कम कर पाता है।
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पुतिन की आगामी भारत यात्रा का महत्व
रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा लगभग तय मानी जा रही है। माना जा रहा है कि नवंबर या दिसंबर में वह दिल्ली आ सकते हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देश कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इनमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा निवेश, आर्कटिक क्षेत्र में साझेदारी और विज्ञान-तकनीक के आदान-प्रदान जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। भारत और रूस दशकों से एक-दूसरे के मजबूत साझेदार रहे हैं। रक्षा सौदों से लेकर ऊर्जा आपूर्ति तक, दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है। मौजूदा समय में जब दुनिया के हालात बदल रहे हैं, भारत और रूस फिर से अपने रिश्तों को नए आयाम देने की कोशिश कर रहे हैं।